
महाराष्ट्र राजनीति में हलचल: देर रात वर्षा बंगले पर मिले शिंदे और फडणवीस, रायगढ़ पालक मंत्री और महामंडलों पर बनी सहमति!
मुंबई (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने बुधवार की देर रात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके आधिकारिक सरकारी निवास ‘वर्षा’ पर पहुंचकर महत्वपूर्ण मुलाकात की।
दोनों शीर्ष नेताओं के मध्य लगभग 20 मिनट तक चली इस उच्चस्तरीय बैठक की अंदरूनी जानकारियां सामने आई हैं। सूत्रों के अनुसार, बैठक में महायुति सरकार के सुचारू संचालन, सांगठनिक समन्वय और कई अत्यंत संवेदनशील राजनीतिक तथा प्रशासनिक विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस वार्ता में विशेष रूप से रायगढ़ जिले के लंबे समय से लंबित पालक मंत्री (Guardian Minister) पद को लेकर दोनों नेताओं के बीच सीधी बातचीत हुई।
📋 अगले दो सप्ताह में महामंडलों का होगा बंटवारा, घटक दलों की नियुक्तियों पर बनी सहमति
इसके अतिरिक्त, राज्य शासन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न राज्यस्तरीय महामंडलों में रिक्त पड़े पदों पर नियुक्तियों और घटक दलों के बीच पदों के न्यायसंगत बंटवारे को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई।
उल्लेखनीय है कि महामंडलों में राजनीतिक हिस्सेदारी और कार्यकर्ताओं के समायोजन को लेकर महायुति के सहयोगी दलों के बीच लंबे समय से विचार-विमर्श की प्रक्रिया गतिमान थी। सूत्रों का दावा है कि अगले दो सप्ताह के भीतर महामंडलों में नियुक्तियों को लेकर आधिकारिक घोषणाएं की जा सकती हैं।
💰 शिवसेना विधायकों के विकास कार्यों हेतु फंड जारी करने और विकास परियोजनाओं में तेजी पर चर्चा
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी पार्टी (शिवसेना) के विधायकों के संबंधित क्षेत्रों में प्रस्तावित और लंबित विकास कार्यों के लिए आवश्यक सरकारी निधि (फंड) तत्काल उपलब्ध कराने का विषय प्रमुखता से उठाया।
शिवसेना विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों में जारी जनहित योजनाओं और ढांचागत परियोजनाओं को गति देने के लिए आवश्यक वित्तीय आवंटन पर दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक सहमति बनी है। राज्य में प्रशासनिक स्तर पर अटकी हुई विकास परियोजनाओं को शीघ्रता से पूर्ण करने को लेकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों प्रतिबद्ध नजर आए।
👍 मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का दिखा सकारात्मक रुख, जल्द आ सकता है बड़ा प्रशासनिक फैसला
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैठक में उपमुख्यमंत्री शिंदे द्वारा उठाए गए सभी सांगठनिक व प्रशासनिक विषयों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है।
ऐसे में यह प्रबल संभावना जताई जा रही है कि आने वाले कुछ ही दिनों में रायगढ़ तथा नासिक के पालक मंत्री पद की जिम्मेदारी तय करने और महामंडलों में पदाधिकारियों की नियुक्तियों को लेकर राज्य सरकार द्वारा बड़े और निर्णायक आदेश निर्गत किए जा सकते हैं।
🏛️ सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना नाम व चुनाव चिह्न पर सुनवाई के बीच हुई यह रणनीतिक मुलाकात
उल्लेखनीय है कि यह अहम बैठक ऐसे समय में हुई है जब देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) में शिवसेना पार्टी के नाम और उसके ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न के अधिकार को लेकर मैराथन सुनवाई चल रही है।
विगत 4 दिनों से शिवसेना का उद्धव ठाकरे गुट शीर्ष अदालत में आक्रामक तरीके से अपना पक्ष प्रस्तुत कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, न्यायालयीन कार्यवाहियों के मध्य निर्मित हुए राजनीतिक परिदृश्य को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक चर्चा हुई। चूंकि नासिक और रायगढ़ जिलों के प्रभारी/पालक मंत्री का प्रभार काफी समय से अटका हुआ था, इसलिए माना जा रहा है कि दोनों नेताओं ने इस पर अंतिम रूप से रणनीति तय कर ली है।
⚖️ कपिल सिब्बल ने शीर्ष अदालत में रखी दलीलें, शिंदे के मुख्य नेता व उपमुख्यमंत्री पद को बताया असंवैधानिक
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना पार्टी के वास्तविक अधिकार और चुनाव चिह्न के विषय पर तीखी बहस हुई।
ठाकरे गुट की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत के समक्ष तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारत के निर्वाचन आयोग (ECI) ने स्थापित नियमों का उल्लंघन करते हुए एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को असली मान्यता प्रदान की थी। सिब्बल ने अदालत में दलील दी कि एकनाथ शिंदे का मुख्य नेता का पद और उपमुख्यमंत्री का संवैधानिक पद नियम विरुद्ध व असंवैधानिक है। कोर्ट में जारी इस कानूनी लड़ाई पर भी महायुति गठबंधन की पैनी नजर बनी हुई है।

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