Logo
ब्रेकिंग
फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ... Patna Mithila Colony Incident: दानापुर में खूनी संघर्ष, शादी से पहले सिपाही भाई ने की आत्महत्या, पुल... Delhi Demolition News: शालीमार बाग मैक्स अस्पताल रोड पर देर रात चला पीला पंजा; भारी पुलिस बल तैनात, ... Monsoon Update 2026: मॉनसून की विदाई के बीच बिगड़ेगा मौसम; मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर में भारी...
Header Ad

दिल्ली के सभी 39 सब-डिवीजनों में सब-रजिस्ट्रार नियुक्त: पहली बार IT आधारित रैंडमाइजेशन से पोस्टिंग

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुलभ, पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक बड़ा नीतिगत कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के तहत दिल्ली के सभी 39 सब-डिवीजनों में पूर्णकालिक सब-रजिस्ट्रारों की नियुक्ति कर दी गई है।

इस पूरी प्रक्रिया की सबसे प्रमुख विशेषता यह रही कि इतिहास में पहली बार अधिकारियों की पोस्टिंग सूचना प्रौद्योगिकी (IT) आधारित रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के जरिए संपन्न की गई। यह पूरी प्रशासनिक कवायद अतिरिक्त मुख्य सचिव (सेवाएं) की सीधी निगरानी और मौजूदगी में पारदर्शी ढंग से पूरी हुई। आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों की संख्या भी बढ़ाकर 39 कर दी गई है, जिससे नागरिकों को अपने नजदीकी उप-मंडल स्तर पर ही रजिस्ट्री व अन्य वैधानिक सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

📊 22 से बढ़कर 39 हुई सब-रजिस्ट्रारों की संख्या: 17 नए कार्यालय किए गए अधिसूचित

विस्तार और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुख्य बिंदु:

  • कार्यालयों की संख्या में वृद्धि: दिल्ली में पहले सब-रजिस्ट्रारों की संख्या 22 थी, जिसे अब सभी 39 सब-डिवीजनों के अनुपात में बढ़ाकर 39 कर दिया गया है।

  • 17 नए कार्यालय अधिसूचित: उप-मंडल स्तर पर नागरिकों को सीधे सेवाएं देने के लिए राजस्व विभाग ने 17 नए सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को औपचारिक रूप से अधिसूचित किया है।

  • क्षेत्रीय सुगमता: इस विस्तार के बाद राजधानी के लोगों को संपत्ति पंजीकरण, दस्तावेज प्रमाणीकरण और राजस्व से जुड़े कार्यों के लिए दूरदराज के कार्यालयों में नहीं भटकना पड़ेगा।

  • पारदर्शी प्रक्रिया पर संतोष: प्रशासनिक नेतृत्व ने तकनीक आधारित इस पोस्टिंग प्रक्रिया पर संतोष जताते हुए नवनियुक्त अधिकारियों से पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया है।

🏢 13 राजस्व जिलों के अंतर्गत कामकाज होगा सुचारु: नागरिक सेवाओं को मिलेगी नई गति

प्रशासनिक प्रभाव और कार्यप्रणाली:

  • सभी 13 राजस्व जिले कवर: दिल्ली के सभी 13 राजस्व जिलों के तहत आने वाले 39 सब-डिवीजनों में इन पदों को पूरी तरह भर दिया गया है, जिससे कार्यप्रणाली पहले से अधिक सुचारु और व्यवस्थित हो जाएगी।

  • दैनिक कार्यों में आसानी: सब-रजिस्ट्रार कार्यालय आम नागरिकों से सीधे जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों जैसे जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री, वसीयत, मुख्तारनामा (पावर ऑफ अटॉर्नी) और विवाह पंजीकरण का निष्पादन करते हैं।

  • पारदर्शिता का लाभ: पोस्टिंग प्रक्रिया में मानवीय दखल खत्म होने से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और नागरिकों को बिचौलियों के बिना त्वरित सेवाएं मिल सकेंगी।

💻 पोस्टिंग में पहली बार लागू हुआ रैंडमाइजेशन मॉडल: कड़े मानकों के आधार पर हुआ चयन

चयन मानदंड और तकनीकी प्रक्रिया:

  • मानकों का कड़ाई से पालन: इस विशेष तैनाती अभियान के लिए ऐसे सक्षम अधिकारियों के समूह (पूल) को शामिल किया गया जो सेवा के कड़े पैमानों पर खरे उतरे।

  • प्रमुख योग्यताएं: चयन के लिए अधिकारियों का उत्तम स्वास्थ्य रिकॉर्ड, पर्याप्त शेष सेवा अवधि और अनिवार्य रूप से स्पष्ट सतर्कता मंजूरी (Vigilance Clearance) जैसे मानकों को अनिवार्य बनाया गया था।

  • डिजिटल रैंडमाइजेशन: तय मानकों को पूरा करने वाले पात्र अधिकारियों को कंप्यूटर आधारित स्वचालित सॉफ्टवेयर (Randomization System) के माध्यम से बिना किसी पक्षपात के सब-डिवीजन आवंटित किए गए।

  • आधुनिक प्रशासन की मिसाल: सरकार के अनुसार, शासन व्यवस्था में सूचना तकनीक के अधिकतम उपयोग और मेरिट आधारित तैनाती से सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार सुनिश्चित होगा।

Comments are closed.