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भावना सिंह हत्याकांड: नेपाल भागने की फिराक में थे आरोपी, इंदौर पुलिस ने किया गिरफ्तार; किस वजह से ले ली थी जान?

मध्य प्रदेश के इंदौर के लसूडिया थाना क्षेत्र के महालक्ष्मी नगर में हुए भावना सिंह हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. तीनों आरोपी हिमाचल प्रदेश से नेपाल भागने की फिराक में थे, लेकिन ग्वालियर बायपास पर पुलिस ने उन्हें धर दबोचा. गिरफ्तार आरोपियों में आशू यादव, मुकुल यादव और स्वस्ति राय शामिल हैं. पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. ये आरोपी न सिर्फ भावना की हत्या के जिम्मेदार हैं, बल्कि पूरे भारत में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क चला रहे थे.

जानकारी के मुताबिक, घटना की रात महालक्ष्मी नगर के एक फ्लैट में ये सभी एक साथ शराब पार्टी कर रहे थे. पार्टी के दौरान किसी बात पर भावना और मुकुल में बहस हो गई. बहस इतनी बढ़ गई कि गुस्से में मुकुल ने पिस्तौल निकाल ली और भावना पर फायर कर दिया. गोली सीधे भावना के सिर में जा लगी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई. हत्या के बाद आरोपी बुरी तरह घबरा गए और तुरंत भागने की योजना बनाने लगे. उन्होंने अपने मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूत नष्ट करने की कोशिश की.

आरोपियों के पास से कई दस्तावेज बरामद

इसके बाद वे हिमाचल प्रदेश पहुंचे और वहां से नेपाल भागने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पहले ही ग्वालियर बायपास पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि ये आरोपी ऑनलाइन सट्टा गेमिंग एप के जरिए संपूर्ण भारत में अवैध सट्टे का कारोबार चला रहे थे. पुलिस ने आरोपियों से 28 मोबाइल, 4 लैपटॉप, 50 से अधिक बैंक खातों की जानकारी, एटीएम कार्ड और लाखों रुपए के हिसाब-किताब बरामद किए हैं.

अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

घटना में छुपाई गई पिस्टल और बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस भी पुलिस ने बरामद कर लिया है. अब पुलिस आरोपियों से यह भी पूछताछ कर रही है कि सट्टे के इस बड़े रैकेट में और कौन-कौन शामिल है. भावना सिंह हत्याकांड सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि इसके पीछे एक बड़े अपराध सिंडिकेट का खुलासा हुआ है. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है.

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