Logo
ब्रेकिंग
Khandwa Crime News: 24 साल की उम्र में की थी छेड़छाड़, 40 साल बाद 64 की उम्र में गिरफ्तार; गन्ने की ... IRCTC Booking Record: IRCTC ने रचा इतिहास, एक दिन में बुक हुए 20 लाख से ज्यादा रेल टिकट; टूटा पुराना... Beyond Weapons: रूस की तकनीक सिर्फ मिसाइलों तक सीमित नहीं, परमाणु टॉरपीडो से लेकर सैटेलाइट नेटवर्क म... Lalbaugcha Raja 2026 First Look: लालबागचा राजा की पहली झलक आई सामने, शाही अंदाज और नारंगी वस्त्रों म... Haiwaan Opening Day: 18 साल बाद साथ आए अक्षय कुमार और सैफ अली खान, बॉक्स ऑफिस पर 5 करोड़ भी नहीं जुट... West Bengal Child Marriage: बारात लेकर पहुंचा था दूल्हा, ऐन वक्त पर पहुंची पुलिस ने मंडप से किया गिर... Raebareli Accident News: रायबरेली में लेंटर डालते समय टूटी सपोर्टिंग पटरी, ऊंचाई से गिरे 6 मजदूर; मच... Tirupati Accident News: तिरुपति में मोबाइल निकालने कुएं में उतरे 2 युवकों की दर्दनाक मौत, जहरीली गैस... Raebareli Swine Flu News: रायबरेली में स्वाइन फ्लू का कहर, मरीजों की संख्या बढ़कर हुई 16; लखनऊ रेफर ... Kanpur Maharajpur Murder: अवैध संबंधों में बाधक बने नाबालिग बेटे का गला घोंटा, पोल खुली तो प्रेमी ने...
Header Ad

‘बाल हनुमान’ का रूप मानते थे लोग, डर जाते थे बच्चे… गिनीज बुक में दर्ज हुआ अजीब बीमारी से ग्रस्त MP के ललित का नाम

मध्य प्रदेश एक रतलाम निवासी एक युवक की दुलर्भ बीमारी ने उसे पहचान दिला दी. अजीब बीमारी के चलते जिले के गांव नांदलोटा निवासी 19 साल के ललित पाटिदार का नाम अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है. ललित की दुलर्भ बीमारी शुरू में उसके लिए परेशानी का सबब बन गई. लोग उसे देखर दूर भागते थे और बच्चे पत्थर मारा करते थे. कई बार लोग उसे ‘बाल हनुमान’ का रूप समझकर पूजने लगे. बचपन से ही ललित के पूरे चेहरे पर बाल हैं.

ललित अपने लुक की वजह से सोशल मीडिया से लेकर इंटरनेशल स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है. ललित को वेयलवोल्फ सिंड्रोम के चलते एक दुर्लभ बीमारी है, उसके चेहरे पर आम पुरुष से ज्यादा घने बाल हैं. उसके चेहरे के बालों की लंबाई 201.72 सेमी है. इसकी वजह से उसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड के लिए चुना गया. ललित को इसके लिए इटली बुलाया गया और उसे मैडल और सार्टिफिकेट दिया गया.

देखकर डर जाते थे बच्चे

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ललित 12वीं का छात्र है. उन्हें खेलकूद और बाइक चलाने का शौक है. उसके माता-पिता खेती-किसानी करते हैं. वह अपने चार बहनों का इकलौता भाई है. परिवारवालों का कहना है कि जब ललित का जन्म हुआ तो उसके चेहरे पर घने बाल थे. जैसे-जैसे वह बड़ा होता गया उसके चेहरे के बाल भी घने और बढ़े होने लगे. इसकी वजह से ललित को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. हालात यह हो गए कि बच्चे उसे देखकर डर जाते और भाग खड़े होते थे. यहां तक कि बच्चे उसपर पत्थर भी मारा करते थे.

मिला मैडल और सार्टिफिकेट

जानकारी के मुताबिक, दो साल पहले गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड की टीम ने ललित से संपर्क किया था. 8 फरवरी को उन्हें इटली बुलाया गया. वह अपने परिचित के साथ इटली के मिलान शहर में गए. इस बीच उनकी 6 दिन तक विशेष जांच की गई. 13 फरवरी को ललित को लो शो देई रिकॉर्ड के मंच पर मैडल और सार्टिफिकेट दिया गया. ललित अब अपने इलाके की पहचान बन गया है. उसको इस सम्मान से गांव में अलग ही नजर से देखा जा रहा है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.