Logo
ब्रेकिंग
शनिवार बैतूल आयेंगे सीएम मोहन यादव,सुरभि खण्डेलवाल को अर्पित करेंगे श्रद्धा सुमन India Heatwave Alert: कई राज्यों में 40°C पार, IMD की बड़ी चेतावनी चार साल की जैनब ने रखा रोजा। आत्मसंयम,सब्र,अनुशासन का दिया संदेश धुरंधर का दूसरा वर्जन इसी महीने होगा रिलीज, रणवीर नजर आएंगे अंडर कव्हर एजेंट सांझवीर टाईम्स के प्रतिष्ठा अलंकरण समारोह में जिले की 22 विभूतियां सम्मानित आर डी कोचिंग के विद्यार्थियों ने जे ई ई मैंस में हासिल की उत्कृष्ट सफलता, 99.68 परसेंटाइल हासिल कर स... Live: एमपी विधानसभा में बजट पेश कर रहे वित्त मंत्री देवड़ा, जानिए किसको क्या मिला नई दिल्ली से ताम्रम जा रही GT एक्सप्रेस के पार्सल वैन में लगी आग, बड़ा हादसा टला 13 फरवरी को सारणी में लगेगा रोजगार मेला, 9 कंपनियां करेंगी भर्ती, 775 से अधिक पदों पर मौका नागपुर एम्स में चार साल के हर्ष की मौत, कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड का था पीड़ित, चार माह से ICU में चल र...
Header Ad

कूटनीति पर ओवैसी का बड़ा दावा: “तालिबान से रिश्ते मजबू्त करो, देखो अब पाकिस्तान उन पर बमबारी कर रहा है”, बताया भारत का भू-राजनीतिक हित

0

भारत और अफगानिस्तान के बीच एक बार फिर संबंध पटरी पर लौट रहे हैं. तालिबान सरकार के आने के बाद पहली बार विदेश मंत्री आमिर खान मुतक्की भारत पर आए हैं. इस दौरे को लेकर अब AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी का बयान सामने आया है. इसमें उन्होंने भारत-अफगानिस्तान के दोबारा संबंध स्थापित करने पर जोर दिया है. ओवैसी ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध सिर्फ बातचीत तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि काबुल से पूर्ण राजनयिक संबंध बनाने चाहिए.

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मैं दोनों देशों के इस कदम का स्वागत करता हूं. मैंने 2016 में संसद में खड़े होकर कहा था कि तालिबान आएंगे. उनसे बात कीजिए. कई मीडियाकर्मियों और बीजेपी सदस्यों ने उस समय तालिबान के बारे में बात करने के लिए मुझे गालियां दीं.

उन्होंने कहा कि चाबहार बंदरगाह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है. हम वहां से अफगानिस्तान जाएंगे. अब, हम उस क्षेत्र का प्रभाव चीन और पाकिस्तान पर कैसे छोड़ेंगे? उनके विदेश मंत्री भारत में हैं और पाकिस्तानी वायु सेना ने उस जगह पर बमबारी की है. क्या आप देख रहे हैं कि यह कैसे चल रहा है?

रणनीतिक साझेदारी से क्षेत्र की स्थिति होगी मजबूत- ओवैसी

ओवैसी ने कहा कि हमें पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने चाहिए. देश की सुरक्षा और भू-राजनीतिक हितों के लिए हमारी उपस्थिति वहां महत्वपूर्ण है. हमारे पूर्ण राजनयिक संबंध होने चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर भारत अफगानिस्तान से आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी बढ़ाता है तो यह पूरे क्षेत्र में उसकी स्थिति को मजबूत करेगा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, जो कभी तालिबान का समर्थक था, अब उन्हीं पर बमबारी कर रहा है. यह दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होते हैं.

कैसे हैं दोनों देशों के बीच मौजूदा संबंध

भारत ने अभी तक तालिबान को उसकी सरकार के लिए मान्यता नहीं दी है. 2021 में काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद भारत ने अपने दूतावास को बंद कर दिया था. भारत और अफगानिस्तान के बीच तालिबान सरकार के आने के बाद से ही संबंध पूरी तरह खत्म हो चुके थे. हालांकि अब इन रिश्तों में एक बार फिर सुधार हो रहा है.

Leave A Reply

Your email address will not be published.