Logo
ब्रेकिंग
सिविल जज बनने के बाद भी नहीं डिगा वैराग्य का संकल्प, प्रखरश्री ने चुना मोक्ष का मार्ग बैतूल बनेगा खेलो का हब, कुकरु को मिनी शिमला बनाने की तैयारी,हेमंत खंडेलवाल के प्रयास रंग लाए, मिली 4... जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा का संदेश लेकर आगे बढ़ा रक्तदान अभियान, सनातनी विनोद कुमार बिंदल के मंदिर... सतपुड़ा वैली पब्लिक स्कूल बना बैतूल का नंबर 1 को-एड डे स्कूल, एजुकेशनवर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग 202... बैतूल में SevaMitra की शुरुआत, अब घर बैठे बुक करें होम सर्विस फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज...
Seva Mitra
Header Ad

PGT Computer Science Result Stay: एनसीटीई नियमों की अनदेखी का मामला, 12 अगस्त को घोषित परिणाम पर रोक

पंचकूला: हरियाणा में पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी) कंप्यूटर साइंस की भर्ती प्रक्रिया को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए 12 अगस्त को घोषित अंतिम परिणाम पर रोक लगा दी है. अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मामले में आगामी आदेश आने तक इस परिणाम के आधार पर न तो कोई नियुक्ति की जाएगी और न ही कोई अन्य कार्यवाही होगी. जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने इस मामले में हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है, और अगली सुनवाई के लिए 19 नवंबर की तारीख तय की गई है.

👨‍🎓 2. याचिकाकर्ताओं की दलील: एनसीटीई विनियम 2014 के विपरीत साल 2012 के पुराने नियमों के आधार पर मांगे गए थे आवेदन

अदालत में दाखिल याचिका के माध्यम से दलील दी गई है कि एनसीटीई (NCTE) विनियम 2014 के अनुसार सीनियर सेकेंडरी या इंटरमीडिएट स्तर पर पीजीटी शिक्षक बनने के लिए न्यूनतम 50% अंकों के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) और बीएड होना अनिवार्य है. हालांकि, हरियाणा राज्य स्कूल शिक्षा काडर ग्रुप-बी सेवा नियम, 2012 में पीजीटी कंप्यूटर साइंस के लिए पीजी की अनिवार्य शर्त नहीं रखी गई थी. याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि 5 फरवरी को जारी विज्ञापन संख्या 23/2026 में राज्य सरकार ने एनसीटीई के तय मानकों की अनदेखी कर पुराने नियमों के तहत ही आवेदन प्रक्रिया पूरी कराई.

🛑 3. विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के बावजूद नियमों में बदलाव किए बिना आगे बढ़ाई गई भर्ती प्रक्रिया, 19 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी बताया गया कि एक विशेषज्ञ समिति ने भी पीजीटी कंप्यूटर साइंस पद के लिए शैक्षणिक योग्यता बढ़ाने की स्पष्ट सिफारिश की थी, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने नियमों में आवश्यक संशोधन किए बिना ही भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया. अदालत के इस अंतरिम आदेश के बाद अब चयनित अभ्यर्थियों और याचिकाकर्ताओं की निगाहें 19 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर टिक गई हैं.

Comments are closed.