Logo
ब्रेकिंग
Jabalpur Land Scam: यूरिया लेने पहुंचे किसान के उड़े होश, बिना बेचे ही किसी और के नाम दर्ज हो गई 7 ए... Ratlam Police Action: रतलाम पुलिस की नशा तस्करों पर बड़ी स्ट्राइक! साफेमा कोर्ट से 34 करोड़ की अवैध ... Morena Police Mystery: मुरैना में तेज रफ्तार कार कंटेनर में घुसी, तलाशी में पिस्टल और 41 लाख रुपए दे... Gwalior News: एशिया कप में भारत को चैंपियन बनाकर ग्वालियर लौटीं कृष्णा शर्मा; रेलवे स्टेशन पर हुआ भव... RDVV Jabalpur News: रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में LLB का पूरा पेपर आउट ऑफ सिलेबस; नाराज छात्रों न... Raipur News: इंडोर स्टेडियम में होगा बड़ा श्रमिक सम्मेलन, बस और चारपहिया वाहनों के लिए बनाए गए स्पेश... Dhamtari Women Kabaddi Tournament: धमतरी में महिला कबड्डी का रोमांच; गुरुकुल कॉलेज रायपुर बनी विजेता... Jashpur Snake Knowledge Center: जशपुर में बनेगा वनांचल विज्ञान केंद्र और तपकरा में सर्प ज्ञान केंद्र... SECR Swachhata Campaign 2026: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान शुरू, जानें पूरा... Dhanbad Subsidence News: कतरास के छाताबाद में तेज धमाके के साथ धंसी जमीन; कई घरों में आई दरारें, दहश...
Header Ad

Panipat News: रोजाना 1500 से ज्यादा मरीजों की ओपीडी, विशेषज्ञों के अभाव में जूझ रहे मरीज

पानीपत: जिले के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के उद्देश्य से हाल ही में नए मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति की गई है, लेकिन इसके बावजूद विशेषज्ञ चिकित्सकों का संकट अभी भी बना हुआ है. स्थिति यह है कि पानीपत सिविल अस्पताल में मेडिसिन यानी फिजिशियन का कोई नियमित विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं है. इसके अलावा रेडियोलॉजिस्ट की भारी कमी के चलते अस्पताल में मौजूद आधुनिक जांच सुविधाओं का पूरा और समय पर लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है. अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 1500 से 2000 मरीज पहुंचते हैं और कई बार यह संख्या इससे भी अधिक हो जाती है.

📋 2. मुख्यालय से जारी हुई 23 मेडिकल ऑफिसरों की सूची, अब तक 14 डॉक्टरों ने किया कार्यभार ग्रहण

इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. विजय मलिक ने बताया कि प्रदेश मुख्यालय की ओर से जिले के लिए 23 नए मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति की गई थी, जिनमें से अब तक 14 डॉक्टरों ने ज्वाइन कर लिया है. इन डॉक्टरों में से दो को सिविल अस्पताल, छह को समालखा, दो को बापोली सीएचसी, एक को कुटपुरा और चार अन्य डॉक्टरों को विभिन्न सीएचसी में नियुक्त किया गया है. इनके आने से सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या करीब 45 से बढ़कर लगभग 53 हो गई है.

🩺 3. फिजिशियन और रेडियोलॉजिस्ट की कमी बनी चुनौती, फैमिली और इमरजेंसी मेडिसिन के डॉक्टर संभाल रहे कमान

सिविल अस्पताल में मेडिसिन विशेषज्ञ की कमी को पूरा करने के लिए फिलहाल फैमिली मेडिसिन और इमरजेंसी मेडिसिन के डॉक्टरों के जरिए मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं. सीएमओ ने बताया कि व्यवस्था को सुचारू रखने का पूरा प्रयास किया जा रहा है, लेकिन नियमित विशेषज्ञ फिजिशियन की आवश्यकता बनी हुई है. इसके अलावा अस्पताल में मशीनें तो अत्याधुनिक हैं, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण जांच का काम प्रभावित हो रहा है. हालांकि, मुख्यालय से जल्द नए रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति का आश्वासन मिला है.

📊 4. स्वीकृत 189 पदों में से 56 पद अभी भी खाली, सालाना 16 हजार डिलीवरी का है भारी दबाव

आंकड़ों के मुताबिक जिले के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों के कुल 189 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से नई नियुक्तियों के बाद अब करीब 138 डॉक्टर तैनात हो चुके हैं, लेकिन फिर भी 56 पद अब भी रिक्त हैं. खासकर विशेषज्ञ डॉक्टरों के खाली पदों को भरना विभाग के लिए बड़ी चुनौती है. सिविल अस्पताल पर मरीजों का भारी दबाव रहता है जहाँ सालाना करीब 16 हजार डिलीवरी होती हैं, जो जिले की कुल डिलीवरी का 50 प्रतिशत से अधिक है. ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी के कारण भी अधिकांश मरीज जिला अस्पताल का ही रुख करते हैं.

Comments are closed.