Logo
ब्रेकिंग
🚨 लातूर के औसा में स्कूल में वीडियो बनाने पर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके पर FIR दर्ज लखनऊ KGMU में MBBS इंटर्न्स की भूख हड़ताल: ₹12,000 से बढ़ाकर ₹30,000 स्टाइपेंड करने की मांग, गेट पर ... बेंगलुरु के डोड्डाबल्लापुर में बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तान स्थित गैंग से जुड़े 28 वर्षीय AC टेक्नीशियन ... बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक: वंदे मातरम् पर देशव्यापी अभियान का ऐलान, Gen Z से जुड़ेंगे ... जयपुर में जर्जर स्कूल पर एक्शन: पुराने भवन से 50 मीटर दूर ग्रामीण के मकान में शिफ्ट हुई कक्षाएं, 16 ... संभाजीनगर ट्रिपल डेथ केस: आईफोन की जिद या कोई और वजह? DCP रत्नाकर नवले बोले- जांच पूरी होने तक अफवाह... बिहार के DMCH में अमानवीयता की हद: गार्ड ने टूटे पैर वाले लावारिस मरीज को जमीन पर घसीटा, अधीक्षक ने ... 71 की उम्र में मेगास्टार चिरंजीवी का बॉक्स ऑफिस पर दबदबा, संक्रांति 2027 पर रिलीज होगी 'काका' पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद पर NIA का शिकंजा: लाहौर भेजा जाएगा समन, गैर-मौजूदगी में चलेगा ट... 'मर्द औरतों को कंट्रोल क्यों करना चाहते हैं?': राहुल गांधी ने पुणे में छात्राओं से किया सीधा संवाद, ...
Header Ad

MP में डीजल घोटाला! रास्तें में बंद हुई CM मोहन यादव के काफिले की 19 गाड़ियां, डीजल की जगह भरा पानी

मुख्यमंत्री मोहन यादव के काफिले में शामिल 19 गाड़ियां अचानक रास्ते में बंद हो गईं, जिससे अफरा-तफरी मच गई। यह घटना उस वक्त हुई जब रतलाम में एक इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव का आयोजन चल रहा था। शुरुआत में इसे सामान्य तकनीकी खराबी माना गया, लेकिन जब जांच हुई तो हैरान करने वाला मामला सामने आया — इन गाड़ियों में जो डीजल भरा गया था, उसमें पानी मिला हुआ था।

कहां से भरवाया गया था डीजल?

जांच में सामने आया कि सभी गाड़ियों में डीजल डोसीगांव स्थित एक पेट्रोल पंप से भरवाया गया था। इसके बाद जब एक-एक कर गाड़ियां रास्ते में बंद होनी शुरू हुईं, तो प्रशासन सतर्क हुआ। गाड़ियों की मैकेनिकल जांच के दौरान पता चला कि ईंधन में भारी मात्रा में पानी मिला हुआ है।

20 लीटर डीजल में निकला 10 लीटर पानी!

अधिकारियों ने जब डीजल के सैंपल की जांच की, तो पाया कि 20 लीटर डीजल में करीब 10 लीटर पानी मिला हुआ था। यही स्थिति काफिले की लगभग सभी गाड़ियों में देखी गई। सिर्फ सरकारी वाहन ही नहीं, एक निजी ट्रक ड्राइवर ने बताया कि उसने 200 लीटर डीजल भरवाया था, और उसका ट्रक भी थोड़ी दूरी पर जाकर बंद हो गया।

बारिश या लापरवाही? क्या है वजह

प्रशासन का कहना है कि बारिश की वजह से डीजल टैंक में पानी घुसने की आशंका है, लेकिन यह भी सवाल उठ रहे हैं कि पेट्रोल पंप पर ईंधन की क्वालिटी जांचने के इंतजाम क्या हैं? क्या आम लोगों को भी ऐसा ही मिलावटी डीजल दिया जा रहा है?

तत्काल कार्रवाई: पेट्रोल पंप सील

घटना सामने आते ही प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पेट्रोल पंप को सील कर दिया है। साथ ही डीजल के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। कलेक्टर और जिला प्रशासन की टीम पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

अब आगे क्या?

प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने ईंधन आपूर्ति की निगरानी प्रणाली और पेट्रोल पंपों पर निरीक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.