Logo
ब्रेकिंग
दुबई से पति को तलाशते हुए सतना पहुंची महिला: महिला थाने में दर्ज कराई गुमशुदगी की शिकायत 🛕 खैरागढ़ के जमातपारा में 300 साल पुराना बनबिहारी मंदिर: कृष्ण भक्ति और रियासतकालीन इतिहास का संगम Durg News: दिव्यांगता को बनाया ताकत, दुर्ग के दृष्टिबाधित शिक्षक अवतार गुप्ता ने की डिजिटल एक्सेसिबि... Chhattisgarh BJP News: रायपुर में जुटेगा प्रबुद्ध वर्ग और ओबीसी मोर्चा, संगठन महामंत्री पवन साय देंग... Guru Balakdas Jayanti: पंडरिया में धूमधाम से मनी गुरु बालकदास की 221वीं जयंती, 30 गांवों में निकली भ... NTPC Korba Blackout: एनटीपीसी कोरबा की सभी 7 यूनिट्स एक साथ ट्रिप, 7 राज्यों में गहराया बिजली संकट Jashpur News: 850 साल पुराने रियासतकालीन बालाजी मंदिर में गूंजे श्रीकृष्ण के जयकारे, राजपरिवार ने झु... CGPSC State Service Exam: कम अभ्यर्थियों के चयन पर सीजीपीएससी का स्पष्टीकरण, 21 सितंबर से साक्षात्का... रायगढ़ जिले के लिए गौरव का पल: प्राथमिक शाला सेमरा की दो शिक्षिकाएं राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम... रायपुर में शिक्षक दिवस पर राज्य स्तरीय सम्मान समारोह: 63 उत्कृष्ट शिक्षक सम्मानित, 4 को मिला स्मृति ...
Header Ad

Jantar Mantar Assault Case: जंतर-मंतर पर छात्र के पिता पर हमले का आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज बुलंदशहर से हिरासत में, SC-ST एक्ट दर्ज

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा के पिता पर जानलेवा हमला करने के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया है।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस द्वारा कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को उसकी गिरफ्तारी का भरोसा दिए जाने के कुछ ही घंटों बाद आरोपी फरार हो गया था। हालांकि, मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC-ST) अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं जुड़ने और तकनीकी निगरानी के बाद पुलिस ने त्वरित घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।

⚖️ पॉडकास्ट वायरल होने के बाद बढ़ा राजनीतिक दबाव: राहुल गांधी ने खड़े किए थे सवाल

मामले में आई तेजी और राजनीतिक प्रतिक्रिया:

  • पॉडकास्ट में शेखी बघारना: प्रदर्शनकारी छात्रा निशु आजाद के पिता संजय आजाद पर हमले का आरोपी एक पॉडकास्ट में खुलेआम मारपीट की बात स्वीकारते और शेखी बघारते हुए नजर आया था।

  • सोशल मीडिया पर आक्रोश: पॉडकास्ट की वीडियो क्लिप वायरल होते ही नागरिक संगठनों और विपक्षी दलों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी।

  • विपक्ष के आरोप: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सार्वजनिक मंचों पर सवाल उठाया कि स्वतंत्र भारद्वाज अब तक जेल की सलाखों के पीछे क्यों नहीं है, तथा उसे राजनीतिक संरक्षण दिए जाने का आरोप लगाया।

  • पुलिस का स्पष्टीकरण: दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक संरक्षण के सभी आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि पूरी जांच कानूनी प्रक्रिया एवं साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष रूप से की जा रही है।

📍 जंतर-मंतर पर क्या हुआ था घटनाक्रम: फोन रिकॉर्डिंग को लेकर हुआ था विवाद

23 जून की घटना का पूरा ब्योरा:

  • प्रदर्शन की पृष्ठभूमि: यह पूरा मामला 23 जून को जंतर-मंतर पर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के विरोध में आयोजित प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है।

  • विवाद की शुरुआत: एफआईआर के अनुसार, पीड़ित संजय आजाद अपने मोबाइल फोन से धरने की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे, जिस पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।

  • जानलेवा हमला: आरोप है कि बहस के दौरान दो-तीन अन्य लोग इकट्ठा हुए और संजय आजाद पर हमला बोल दिया। संजय के अनुसार उनके सिर पर घूंसों और किसी ठोस व कठोर वस्तु से प्रहार किया गया।

  • अस्पताल में उपचार: गंभीर हालत में उन्हें तुरंत राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों को उनके सिर पर दो गहरे घाव मिले।

📑 BNS की धाराओं के तहत दर्ज हुआ मुकदमा: मेडिकल रिपोर्ट और जांच प्रक्रिया

विधिक कार्रवाई और दर्ज धाराएं:

  • मुकदमा दर्ज: घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।

  • मेडिकल निष्कर्ष: पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित की प्राथमिक मेडिकल रिपोर्ट में खोपड़ी में फ्रैक्चर होने की पुष्टि नहीं हुई थी और चोटों को चिकित्सकीय भाषा में साधारण श्रेणी में रखा गया था।

  • दावों में विरोधाभास: इसके उलट पॉडकास्ट में आरोपी ने दावा किया था कि उसने पीड़ित की खोपड़ी तोड़ दी थी और 60 टांके आए थे। इस बयान के आधार पर पुलिस ने आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए अंततः उसे बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया।

Comments are closed.