Logo
ब्रेकिंग
Jaipur Murder Case: जयपुर में पत्नी और 3 बेटियों का हत्यारा राहुल झा गिरफ्तार, खाटूश्यामजी और रींगस ... US-China Tension: चीन ने ईरान को दी थी अमेरिकी एयरबेस की सैटेलाइट तस्वीरें? जॉर्डन हमले में 3 US सैन... Ganga Aarti in London: लंदन में टेम्स नदी के किनारे पहली बार हुई भव्य गंगा आरती, दीपों से जगमगाया कि... BSF Rescue Operation: सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने बचाई 10 बांग्लादेशी नागरिकों की जान, 30 दिन के नव... Belagavi Murder News: कर्नाटक में 2 महीने से लापता महिला का गन्ने के खेत में मिला कंकाल, प्रेमी ने ब... Delhi Metro Arpan Kendra: पुराने कपड़ों से मिलेगा छुटकारा, दिल्ली मेट्रो के 10 स्टेशनों पर खुले अर्प... UCC in India: उत्तराखंड और गुजरात के बाद अब 21 राज्यों की बारी, अमित शाह ने सेवा संकल्प अभियान के दौ... Chhath Puja Special Trains: दुर्गापूजा, दिवाली और छठ पर चलेंगी 18 स्पेशल ट्रेनें; दिल्ली-भागलपुर के ... Raebareli Murder Case: रायबरेली में प्रधान के बेटे की पीट-पीटकर हत्या, प्रेमिका ने फोन कर बुलाया; पत... UP PCS Transfer News: काशी विश्वनाथ मंदिर CEO विश्व भूषण मिश्र का ट्रांसफर, बने UPSSSC के नए उपसचिव;...
Header Ad

Cream लगाने वाले हो जाएं Alert, होश उड़ा देने वाला हुआ खुलासा

चमड़ी को गोरा करने के लिए इस्तेमाल की जाती क्रीम शरीर के लिए खतरनाक है। यह बड़ा खुलासा PGI के नेफरोलोजी विभाग द्वारा करवाए गए अध्ययन में हुआ है।

हाल ही में पी.जी.आई. नेफरोलोजी विभाग की ओ.पी.डी. में एक मरीज आया, जिसके गुर्दे में समस्या थी। जब डॉक्टर ने Diagnose के लिए हिस्ट्री पूछी तो पता चला कि वह कुछ समय से चमड़ी को गोरा करने के लिए क्रीम का इस्तेमाल कर रहा  था। इस कारण उसके गुर्दों  में पारे की  मात्रा बढ़ रही थी।  इसके साथ उसे परेशानी हो रही थी। इसके बाद मरीज को क्रीम ना लगाने के लिए कहा गया तो शरीर के पारे का स्तर अपने आप कम होने लग पड़ा।पिछले कुछ सालों से चमड़ी को गोरा करने  वाली क्रीम पर चमड़ी की देखभाल के रूप में ग्लूटेथिओन (मानव सेलों में कुदरती तौर पर पाए जाने वाला एक ऐंटआक्सीडैंट ) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।

इनमें से कईयों में पारे का स्तर तय सीमा से अधीक होता  है,  जो किडनियों को प्रभावित करता है। पी.जी.आई. नैफरोलोजी विभाग के सहायक प्रोफैसर डॉ.राजा रामचंदरन अनुसार  उन्होंने जो  मरीज देखे  है, जब उनसे क्रीम बारे पूछा  गया  तो उन्हें क्रीम के कोई  ब्रांड लेबल यां नाम  का  कुछ  पता नहीं था। उन्होंने कहा कि  हम चमड़ी को  गोरा करने  वाली क्रीम का इस्तेमाल के बाद  पैशाब  में प्रोटीन  रिसाव वाले नैफरोटिक  सिंडरोम  के  कुछ  मामले देखे है। इन  मरीजों  के  खून में पारे का स्तर बढ़ा हुआ  था। इससे साफ पता  लगता है  कि इन क्रीमों  में पारा था,  जो  चमड़ी के  जरिए  शरीर में दाखिल हो  रहा  था। ऐसे मामले  किसी खास क्षेत्र तक  सीमित नहीं बल्कि दुनिया भर में कई मामले  सामने आए है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.