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दिल्ली में BRICS समिट ने बढ़ाई होटलों की डिमांड: 25% तक बढ़े एवरेज रूम रेट्स, टूरिस्ट्स और बिजनेस ट्रैवलर्स की बढ़ीं मुश्किलें

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाले आगामी ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन से पहले लग्जरी होटल मार्केट में कमरों की मांग में अभूतपूर्व उछाल देखा जा रहा है।

प्रमुख 5-स्टार होटलों में या तो खास तारीखों के लिए कमरे पूरी तरह बुक हो चुके हैं या फिर एक रात का किराया 6 अंकों (लाखों रुपये) में पहुंच गया है।

पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट के अनुसार, 11 से 13 सितंबर की अवधि के लिए होटल बुकिंग प्लेटफॉर्म्स की पड़ताल में सामने आया कि नई दिल्ली स्थित ताज महल और ताज पैलेस में कोई कमरा उपलब्ध नहीं है। वहीं द ओबेरॉय और द लीला पैलेस जैसी प्रीमियम प्रॉपर्टीज इन तारीखों के लिए नई बुकिंग स्वीकार नहीं कर रही हैं।

इसके अलावा, आईटीसी मौर्य और शांगरी-ला इरोस जैसे प्रतिष्ठित होटलों में जो सीमित कमरे उपलब्ध हैं, उनके टैरिफ में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो समिट के दौरान दिल्ली में ठहरने के लिए भारी प्रीमियम को दर्शाता है।

🌍 BRICS समिट ने बढ़ाई मांग: डिप्लोमैट्स और डेलिगेट्स के आगमन से सेंट्रल दिल्ली पर दबाव

भू-राजनीतिक आयोजन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर प्रभाव:

  • डेलिगेट्स का आगमन: दो दिवसीय इस वैश्विक भू-राजनीतिक आयोजन के चलते विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और आगंतुकों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे लुटियंस और सेंट्रल दिल्ली की होटल इन्वेंट्री पर सबसे ज्यादा दबाव है।

  • लंबा ठहराव: कई डिप्लोमैट्स और प्रतिनिधि समिट से पूर्व ही पहुंच रहे हैं और आयोजन के बाद भी रुकने की योजना बना रहे हैं, जिससे कमरों की उपलब्धता बेहद सीमित हो गई है।

  • रणनीतिक महत्व: यह तेजी ऐसे समय आई है जब अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर इवेंट्स और डोमेस्टिक ट्रैवल डिमांड पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है।

💼 दिल्ली के लग्जरी होटलों के एवरेज रेट्स 25% तक बढ़े: इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की राय

उद्योग जगत का दृष्टिकोण:

  • सालाना दरों में भारी इजाफा: रेडिसन होटल ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर व सीओओ (साउथ एशिया) निखिल शर्मा ने बताया कि सितंबर में मांग काफी मजबूत है और उनके पोर्टफोलियो में एवरेज रूम रेट्स (ARR) साल-दर-साल 25 प्रतिशत से अधिक बढ़ रहे हैं।

  • लास्ट मिनट बुकिंग: उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रिक्स समिट के चलते इवेंट की तारीखों के आसपास कमरों की मांग सबसे ज्यादा है और समिट की तारीखें नजदीक आने पर लास्ट-मिनट बुकिंग से यह दरें और बढ़ सकती हैं।

  • MICE सेगमेंट को मजबूती: बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों से मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस और एग्जिबिशन (MICE) और लग्जरी सेगमेंट को एक साथ कमरों, बैंक्वेट्स और खानपान सेवाओं की व्यापक मांग का लाभ मिलता है।

🧳 आम टूरिस्ट्स और बिजनेस ट्रैवलर्स की बढ़ीं मुश्किलें: बजट से बाहर हुआ ठहरना

सामान्य यात्रियों पर असर और बदलते विकल्प:

  • घरेलू यात्रियों पर असर: होटलों के अत्यधिक महंगे होने से उन पर्यटकों, बिजनेस ट्रैवलर्स और परिवारों को परेशानी हो रही है जिन्होंने पहले से दिल्ली यात्रा का कार्यक्रम बना रखा था।

  • विकल्प तलाशने की मजबूरी: यात्रियों को या तो सेंट्रल दिल्ली से दूर एनसीआर (नोएडा/गुरुग्राम) के इलाकों में होटल तलाशने पड़ रहे हैं, यात्रा की तारीखें बदलनी पड़ रही हैं या फिर बजट होटलों का रुख करना पड़ रहा है।

  • डायनामिक प्राइसिंग: बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह दरें फिक्स्ड नहीं हैं बल्कि डायनामिक प्राइसिंग मॉडल पर आधारित हैं, जो बुकिंग, कैंसलेशन और कमरों की उपलब्धता के हिसाब से लगातार बदलती रहती हैं।

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