
फरीदाबाद के सेक्टर-76 में DTP की बड़ी स्ट्राइक: 9 अवैध कमर्शियल यूनिटें सील, रिहायशी इलाके में मचा हड़कंप
फरीदाबाद (हरियाणा): सेक्टर-76 स्थित P-ब्लॉक के रिहायशी क्षेत्र में अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों के खिलाफ जिला नगर योजनाकार (DTP) प्रवर्तन दस्ते ने गुरुवार को सख्त कार्रवाई की।
जिला नगर योजनाकार (DTP) यजन चौधरी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने नियमों की अवहेलना कर चलाए जा रहे ब्यूटी पार्लर, निजी क्लीनिक और अवैध दुकानों समेत कुल 9 कमर्शियल यूनिटों को मौके पर ही सील कर दिया। हालांकि, सीलिंग की इस कार्रवाई के दौरान उस समय तीखा विवाद खड़ा हो गया जब हरियाणा पुलिस का एक सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक (रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर) सीधे जांच अधिकारी से उलझ पड़ा।
👮♂️ रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर ने दिखाया खाकी का रौब: DTP अधिकारी से भिड़ा, काम में डाला व्यवधान
विवाद और हंगामे का पूरा घटनाक्रम:
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अवैध प्रॉपर्टी ऑफिस: DTP टीम जब अभियान के तहत एक अवैध रूप से संचालित प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर को सील करने पहुंची, तो सामने आया कि उसे हरियाणा पुलिस का एक पूर्व सब-इंस्पेक्टर चला रहा था।
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कार्रवाई का विरोध: अपने दफ्तर की सीलिंग होते देख रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर भड़क उठा और अपना पूर्व पद व रसूख दिखाकर DTP यजन चौधरी से सीधे उलझ गया।
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सरकारी कार्य में बाधा: पूर्व पुलिसकर्मी ने सार्वजनिक रूप से अधिकारी को चुनौती देते हुए सीलिंग प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने का भरसक प्रयास किया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
👀 ऑन-ड्यूटी पुलिस दल बना रहा मूकदर्शक: सीपी से शिकायत की चेतावनी पर भी नहीं दिखाई तत्परता
स्थानीय पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल:
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हटाने से हिचकिचाहट: हंगामे के दौरान DTP यजन चौधरी ने कानून-व्यवस्था संभालने के लिए साथ मौजूद पुलिस यूनिट इंचार्ज (ASI शिवकुमार) से हस्तक्षेप करने और बाधा डाल रहे पूर्व पुलिसकर्मी को हटाने का अनुरोध किया।
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ढुलमुल रवैया: ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों ने अपने पूर्व विभागीय साथी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बने रहने का रुख अपनाया।
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लापरवाही पर सवाल: DTP द्वारा मामले की सीधी शिकायत पुलिस कमिश्नर (CP) से करने की बात कहे जाने के बाद भी मैदानी पुलिस दल का रवैया सुस्त बना रहा, जिससे अब ड्यूटी में कोताही बरतने वाले कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
🏘️ ग्राउंड फ्लोर पर चल रही थीं 15 व्यावसायिक दुकानें: 9 सील, कई संचालक खुद छोड़ भागे
कार्रवाई का दायरा और परिणाम:
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15 यूनिटें थीं सक्रिय: DTP यजन चौधरी ने बताया कि P-ब्लॉक के रिहायशी मकानों के ग्राउंड फ्लोर पर नियमों को ताक पर रखकर लगभग 15 कमर्शियल प्रतिष्ठान अवैध रूप से चल रहे थे।
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तत्काल 9 दुकानें सील: जांच टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 9 अवैध इकाइयों पर प्रशासनिक सील लगा दी।
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खुद खाली की जगह: प्रवर्तन दस्ते की सख्त कार्रवाई को देखते हुए 4 से 5 दुकान संचालकों ने सील लगने के डर से स्वतः ही अपनी दुकानें खाली करना शुरू कर दिया।
🏥 अवैध नर्सिंग होम को सोमवार तक की मोहलत: मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए दिया गया समय
संवेदनशील मामलों में मानवीय पहल:
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मरीज थे भर्ती: अभियान के दौरान एक अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम भी चिन्हित किया गया, जहां अंदर कई मरीज भर्ती होकर उपचार करा रहे थे।
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सुरक्षित शिफ्टिंग का निर्देश: मरीजों के स्वास्थ्य और मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए संचालक को सभी मरीजों को किसी अन्य सुरक्षित अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए सोमवार तक की अंतिम समय-सीमा (अल्टीमेटम) दी गई है।
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समय सीमा बाद सीलिंग: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोमवार को निर्धारित मियाद पूरी होते ही उक्त अवैध नर्सिंग होम को भी नियमानुसार पूर्णतः सील कर दिया जाएगा।

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