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Haryana Fire Staff Strike: हड़ताल पर हरियाणा सरकार का बड़ा एक्शन, 23 फायर कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त

चंडीगढ़: हरियाणा में सफाई और अग्निशमन (फायर) कर्मचारियों के आंदोलन को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा निदेशालय ने ड्यूटी छोड़कर हड़ताल में शामिल होने वाले कुल 23 फायर कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। सेवामुक्त किए गए कर्मचारियों में 13 पालिका रोल पर कार्यरत थे, जबकि 10 कर्मचारी हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से विभिन्न दमकल केंद्रों पर तैनात किए गए थे। विभाग ने 3 सितंबर को अलग-अलग आधिकारिक आदेश जारी कर यह दंडात्मक कार्रवाई की है।

⚖️ 6 अगस्त से गैरहाजिरी और अनुशासनहीनता का आरोप: आपातकालीन सेवा अधिनियम का उल्लंघन

कार्रवाई का आधार और विभागीय रुख:

  • लगातार अनुपस्थिति: सरकार ने कार्रवाई का मुख्य आधार 6 अगस्त से बिना किसी पूर्व सूचना अथवा सक्षम स्वीकृति के ड्यूटी से लगातार गैरहाजिर रहने और हड़ताल पर जाने को बनाया है।

  • आवश्यक सेवा का हवाला: विभाग ने स्पष्ट किया है कि अग्निशमन सेवाएं अत्यंत आवश्यक एवं आपातकालीन सेवाओं (Essential Services) के दायरे में आती हैं; ऐसे में आमजन की सुरक्षा ताक पर रखकर कार्य रोकना गंभीर अनुशासनहीनता है।

  • अधिनियम की धारा 51: आदेश में ‘अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा अधिनियम, 2022’ की धारा 51 का उल्लेख करते हुए बताया गया कि शासन की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की यूनियन गतिविधि में संलिप्त होना नियमों का सीधा उल्लंघन है।

📋 पालिका रोल के 13 कर्मचारियों पर गिरी गाज: विभिन्न जिलों के केंद्र प्रभावित

सेवा समाप्त किए गए पालिका रोल कर्मियों का विवरण:

  • बहादुरगढ़: सतीश कुमार और राजेश कुमार

  • नरवाना व धारूहेड़ा: सत्यवान (नरवाना) तथा नरेंद्र सिंह (धारूहेड़ा)

  • आईएमटी बावल व सिरसा: सुरेश कुमार (बावल) एवं राजेश कुमार (सिरसा)

  • हिसार व पानीपत: प्रदीप कुमार (हिसार) और रणबीर (पानीपत)

  • रोहतक व कुरुक्षेत्र: सोनू (रोहतक) तथा कुलविंद्र सिंह (कुरुक्षेत्र)

  • करनाल, जगाधरी व फरीदाबाद: महावीर (करनाल), रिंकू कुमार (जगाधरी) और रणजीत (सेक्टर-15, फरीदाबाद)

💼 HKRN के 10 संविदा कर्मचारियों की भी छुट्टी: गुरुग्राम से कैथल तक कार्रवाई

कौशल रोजगार निगम के तहत हटाए गए कर्मचारी:

  • गुरुग्राम: उद्योग विहार केंद्र से बलविंद्र, सेक्टर-29 से जितेंद्र तथा सेक्टर-37 से गौरव ठाकरान

  • यमुनानगर व पिंजौर: अभिषेक और कमल कांबोज (यमुनानगर) तथा सुरेंद्र (पिंजौर)

  • हांसी व कैथल: दीपक (हांसी) एवं जोनी (कैथल)

  • करनाल: नरेश कुमार और प्रवीण कुमार

🛑 काम में बाधा और उकसाने का आरोप: 13 में से 12 मांगों पर सहमति के बाद भी अड़ा पेंच

गतिरोध और मांगों की वास्तविक स्थिति:

  • कार्य में व्यवधान: विभागीय जांच में पाया गया कि ये कर्मचारी न केवल स्वयं कार्य से अनुपस्थित रहे, बल्कि अन्य कर्मियों को भी आंदोलन में शामिल होने के लिए उकसा रहे थे।

  • 12 मांगें स्वीकृत: शासन का दावा है कि कर्मचारी संगठनों द्वारा प्रस्तुत 13 प्रमुख मांगों में से 12 मांगें पहले ही स्वीकार की जा चुकी हैं।

  • नियमितीकरण पर अड़चन: कर्मचारियों की मुख्य मांग ‘कच्चे कर्मियों के नियमितीकरण’ को लेकर विधिक और तकनीकी जटिलताएं हैं। सरकार ने इसके विकल्प के तौर पर 60 वर्ष तक सेवा सुरक्षा और वेतन वृद्धि का प्रस्ताव दिया था, जिसे संगठनों ने अस्वीकार कर दिया।

⚔️ 6 सितंबर तक हड़ताल का ऐलान: बर्खास्तगी के बाद सरकार व यूनियनों में टकराव के आसार

आगामी रणनीति और आंदोलन का रुख:

  • हड़ताल विस्तार: कर्मचारी संगठनों ने साफ कर दिया है कि वे नियमितीकरण से कम किसी भी विकल्प पर राजी नहीं होंगे और हड़ताल को 6 सितंबर तक जारी रखा जाएगा।

  • बढ़ता तनाव: 23 कर्मचारियों की एक साथ सेवाएं समाप्त होने से कर्मचारी संगठनों में भारी रोष है, जिससे आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है।

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