Logo
ब्रेकिंग
सिविल जज बनने के बाद भी नहीं डिगा वैराग्य का संकल्प, प्रखरश्री ने चुना मोक्ष का मार्ग बैतूल बनेगा खेलो का हब, कुकरु को मिनी शिमला बनाने की तैयारी,हेमंत खंडेलवाल के प्रयास रंग लाए, मिली 4... जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा का संदेश लेकर आगे बढ़ा रक्तदान अभियान, सनातनी विनोद कुमार बिंदल के मंदिर... सतपुड़ा वैली पब्लिक स्कूल बना बैतूल का नंबर 1 को-एड डे स्कूल, एजुकेशनवर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग 202... बैतूल में SevaMitra की शुरुआत, अब घर बैठे बुक करें होम सर्विस फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज...
Seva Mitra
Header Ad

कम बारिश से बैतूल डिवीजन के बांध खाली, सांपना भी सिर्फ 40% भरा; 18 में 11 बांध 30% से नीचे

0

बैतूल। जिले में इस बार बारिश कमजोर रहने का असर अब बांधों के जलभराव पर साफ दिखाई दे रहा है। 17 अगस्त की जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट में बैतूल डिवीजन के 19 बांधों में से एक भी 50% तक नहीं भरा है। सबसे ज्यादा पानी सांपना मध्यम परियोजना में है, लेकिन वह भी सिर्फ 40.08% भरी है। बाकी 18 लघु बांधों में अधिकांश में जलभराव 30% से भी कम है।

बैतूल जिले में आज सुबह तक कुल औसत बारिश 598.2 मिमी ही हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 749.8 मिमी बारिश हो चुकी थी। यानी इस साल अब तक 151.6 मिमी कम बारिश हुई है। बारिश की कमी का असर बांधों में पानी भरने पर भी नजर आ रहा है।

सांपना में सबसे ज्यादा, फिर भी आधा नहीं भरा

बैतूल डिवीजन की रिपोर्ट के मुताबिक सांपना बांध में 5.74 एमसीएम लाइव पानी है और यह अपनी लाइव स्टोरेज क्षमता का 40.08% भरा है। इसके बाद कोलगांव 37.27%, झाड़ेगांव 32.70% और कोसमी 29.93% भरे हैं। नागझिरी में 27.16% और चोरनी-मोरनी में 25.24% पानी है।

इसके बाद जलभराव तेजी से कम हो जाता है। बोरगांव 23.72%, झगड़िया 22.94%, गौलिबर्गी 20.70% भरे हैं। सरनदाई गोराखार में 17.30%, अपर जौरा में 17.03%, रावनवाड़ी में 16.69%, गोंडीगौला में 15.12% और उरदन में 14.96% पानी है।

सबसे खराब स्थिति चौकी कोलगांव में है, जहां सिर्फ 6.61% पानी है। इसके अलावा जगधर में 8.40%, खंडारा में 10.60%, लाखापुर में 10.13% और सेहरा में 13.74% जलभराव दर्ज किया गया है।

दूसरे डिवीजन में कुछ बांध फुल, लेकिन बैतूल में तस्वीर अलग

भैंसदेही और शाहपुर क्षेत्र की रिपोर्ट में कुछ बांध 100% भरकर FTL तक पहुंच चुके हैं। शाहपुर क्षेत्र में देऊपुर और पाताखेड़ा तथा भैंसदेही रिपोर्ट में कोलगांव और पाताखेड़ा 100% दर्ज हैं। लेकिन बैतूल डिवीजन के बांधों में ऐसी स्थिति नहीं है—यहां सबसे ज्यादा भरा सांपना भी 40.08% पर है।

जिले में बारिश की स्थिति भी क्षेत्रवार अलग है। चिचोली में 807 मिमी और घोड़ाडोंगरी में 780.7 मिमी बारिश हुई है, लेकिन जिले का औसत केवल 598.2 मिमी है। इससे साफ है कि ज्यादा बारिश वाले क्षेत्रों के बावजूद पूरे जिले में बांधों की स्थिति एक जैसी नहीं बनी है।

यानी इस बार बारिश की कमी का सबसे बड़ा असर बैतूल डिवीजन के बांधों में दिख रहा है—एक भी बांध आधे से ज्यादा नहीं भरा और कई बांधों में 10% से भी कम पानी है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.