
Ranchi Health Infrastructure Update: 104 डिग्री बुखार में भी आयुर्वेद सम्मेलन पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री; AI और रोबोटिक कॉन्फ्रेंस की घोषणा
रांची। राजधानी रांची के डोरंडा स्थित पलाश भवन में रविवार को ‘प्रदेश आयुर्वेद सम्मेलन’ का गरिमामय आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य राज्य में एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ आयुष चिकित्सा व्यवस्था को भी वैश्विक स्तर तक ले जाना है। उन्होंने घोषणा की कि झारखंड में एक विश्व स्तरीय आयुष मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की परिकल्पना को साकार करने के लिए स्वास्थ्य विभाग तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इसके लिए 900 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दी गई है।
🏥 “केरलम का सशक्त विकल्प बन सकता है झारखंड”: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का दावा
सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आयुष और आयुर्वेद के क्षेत्र में राज्य की संभावनाओं पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, “जब भी देश में आयुष उपचार की बात होती है, तो लोगों का ध्यान स्वतः केरल की ओर जाता है। लेकिन वहां की चिकित्सा पद्धतियां न तो सस्ती हैं और न ही सामान्य वर्ग के लोगों की पहुंच में हैं। यदि झारखंड में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और आयुष पर केंद्रित प्रयास किए जाएं, तो हमारा राज्य केरल का एक किफायती और बेहतर विकल्प बनकर उभर सकता है।”
🩺 “104 डिग्री बुखार के बावजूद आया हूँ”: झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को नंबर-1 बनाने का संकल्प
सम्मेलन में उपस्थित विशेषज्ञों और वक्ताओं द्वारा दिए गए सुझावों पर त्वरित संज्ञान लेने का आश्वासन देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने कहा, “झारखंड गठन के 25 वर्ष पूरे होने वाले हैं, लेकिन शुरुआती 20 वर्षों में स्वास्थ्य ढांचे पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। आज मुझे 104 डिग्री फारेनहाइट बुखार है, इसके बावजूद मैं इस सम्मेलन में शामिल हुआ हूँ, क्योंकि हमारा संकल्प झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को देश में नंबर-1 बनाना है।” उन्होंने आगे जानकारी दी कि राज्य में 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), डिजिटल और रोबोटिक तकनीक पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन आयोजित होगा, ताकि चिकित्सा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का लाभ आम मरीजों तक पहुँचाया जा सके।
👨⚕️ राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस से पूर्व हुआ महामंथन: चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने दिए सुझाव
23 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस’ के उपलक्ष्य में इस पूर्व-सम्मेलन का आयोजन किया गया था।
डोरंडा के पलाश सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यभर से आए प्रसिद्ध आयुर्वेदिक चिकित्सक, शोधकर्ता और विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे। सम्मेलन में झारखंड में आयुर्वेद चिकित्सा के विस्तार, ग्रामीण स्तर तक इसे सुदृढ़ करने, आयुर्वेदिक संस्थानों के विकास और औषधीय पौधों की खेती से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

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