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Delhi Lawyers Protest Traffic Challan Rules: न्यायिक मजिस्ट्रेट से अधिकार छीनने का विरोध, वकीलों ने किया शांतिपूर्ण प्रदर्शन

दिल्ली की सभी जिला अदालतों के वकीलों ने ट्रैफिक चालान के निस्तारण से जुड़े नए नियमों और प्रशासनिक अधिकारियों को चालान निपटाने के अधिकार सौंपे जाने के विरोध में सोमवार को कामकाज के बहिष्कार का ऐलान किया है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली की सभी जिला अदालतों में वकील भौतिक या वर्चुअल किसी भी माध्यम से न्यायिक सुनवाई में पेश नहीं हुए। इसके साथ ही, वकीलों ने सुबह साढ़े 11 बजे अदालत परिसरों के बाहर एकत्र होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी किया।

🚫 2. समन्वय समिति का आरोप- चालान निपटारे का अधिकार एसडीएम को सौंपना न्याय प्रणाली के मूल सिद्धांतों के खिलाफ

जिला अदालतों की बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति के महासचिव नरवीर डबास ने कड़े शब्दों में कहा कि केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के नियम 167 में किए गए संशोधन और चालान निपटारे के नए नियम आम जनता के बिल्कुल हित में नहीं हैं। समिति का कहना है कि न्यायिक मजिस्ट्रेट से चालान के निपटारे का अधिकार छीनकर एसडीएम और अन्य विभागीय अधिकारियों को देना न्याय प्रणाली के बुनियादी सिद्धांतों के सरासर खिलाफ है, जिससे नागरिकों के निष्पक्ष न्याय पाने के अधिकार का हनन होता है।

🏛️ 3. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर दिल्ली हाईकोर्ट के लिए 7 न्यायाधीश अधिकारियों की नियुक्ति को दी मंजूरी

इस बीच एक अन्य घटनाक्रम में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों के आधार पर दिल्ली हाईकोर्ट में 7 न्यायाधीश अधिकारियों की नियुक्ति को अधिसूचित किया है। निवेदिता अनिल शर्मा और निशा सहाय सक्सेना को दिल्ली हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया है, जबकि संजय शर्मा, भारत पराशर, अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज को अतिरिक्त जज बनाया गया है। इसके अलावा, देश के अन्य उच्च न्यायालयों में भी कई नए जजों की नियुक्तियां की गई हैं।

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