Logo
ब्रेकिंग
बैतूल: एक ही रात में पांच मंदिरों में चोरी से सनसनी, घरों के दरवाजे बाहर से लॉक कर वारदात; सीसीटीवी ... बेटी को देखकर लौट रहे किसान की सड़क हादसे में मौत, साथी गंभीर; खेड़ी के पास अज्ञात ट्रक ने आल्टो को ... 15 दिन तक कुएं में फंसा रहा खतरनाक रसेल वाइपर, कैरेट के सहारे हुआ सफल रेस्क्यू एनसीसी बॉयज़ भर्ती में 49 कैडेट चयनित, फिजिकल और लिखित परीक्षा के बाद बनी मेरिट 40 अपराधों वाले हिस्ट्रीशीटर भीम पर ₹10 हजार का इनाम, पुलिस ने तेज की तलाश,पेट्रोल पंप काण्ड में भी ... रात की बारिश में खोलने पड़े सतपुड़ा के 7 गेट, झरने बह निकले बारिश में ढही दीवार ,दबने से मजदूर की मौत ।बैतूल में 93.4 mm बारिश घर में सो रहा था मासूम,जाने क्या हुआ चली गई जान? नजर आया था जहरीला सांप पर काटने के निशान नहीं मिले 5 लाख की चोरी का दूसरा आरोपी भी दबोचा, ₹10 हजार का इनामी निकला आदतन नकबजन लल्ली चौक का बदलेगा लुक, लगेगा क्लॉक टावर, नगर पालिका बिल्डिंग का पुराना स्वरूप संवरेगा
Header Ad

मध्य प्रदेश में नर्स का कमाल… डॉक्टर की गैरमौजूदगी में सूझबूझ से कराया महिला का प्रसव, एक साथ तीन बेटियों ने लिया जन्म

उमरिया । अमरपुर स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम जोखिम लेकर अकेले अपने दम पर एक महिला की तीन बच्चियों की डिलीवरी करवा दी। अब सभी दूर एएनएम की तारीफ हो रही है और लोग कर रहे हैं कि यदि मन में सेवा भावना और कर्तव्यों के प्रति समर्पण हो, तो साधन की कमी आड़े नहीं आ सकती।

जिले के अमरपुर स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एएनएम अभिलाषा सिंह रोज की तरह 27 मई को सुबह 8 बजे से अपनी ड्यूटी पर थीं। उस दिन उनके साथ महज एक स्वीपर ही मौजूद थी, जो दिन में खाना-खाने अपने घर चली गई।

दोपहर करीब 2 बजे जैसे ही अभिलाषा को एंबु

बरही अस्पताल में कराया भर्ती

बिना किसी साधन और स्टाफ के एएनएम द्वारा तीन बच्चियों की डिलीवरी तो करा दी गई, पर सुविधाओं की कमी के चलते अमरपुर स्वास्थ्य केंद्र में जच्चा-बच्चा को रखना सही नहीं था। ऐसे मे डॉ. शिव प्रजापति ने आवश्यक उपचार के उपरांत उन्हे बरही अस्पताल ले जाने की सलाह दी।

बताया गया है कि महिला की पहली बच्ची का वजन 2.5 तथा दूसरी का 2.3 किलो है जबकि तीसरी बच्ची महज 1.5 किलो की ही है। बहरहाल माता और उनकी तीनों बच्चियां पूरी तरह स्वस्थ हैं।

सेवा के रिस्क को समझना जरूरी

अमरपुर स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम अभिलाषा ने मौके की नजाकत को देखते हुए पूरी निष्ठा और सेवा भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। यही वजह है कि प्रसूता और शिशुओं को नव जीवन मिल सका। उनके इस कार्य की जिले भर मे प्रशंसा हो रही है।

लेंस चालक ने एक क्रिटिकल केस आने की जानकारी दी, तो वे भोजन का ख्याल छोड़ कर अकेले ही डिलीवरी की तैयारी में जुट गई। करीब 2.30 पर महिला उर्मिला पति गोकुल बर्मन, उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम पड़वार को स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।

एएनएम ने तत्काल आवश्यक दवाएं दीं। थोड़ी ही देर में उर्मिला को 3.27 बजे पहली डिलीवरी हो गई। महिला ने इसके कुछ ही मिनट बाद 3.30 बजे दूसरी और 3.56 पर तीसरी कन्या शिशु को जन्म दे दिया।

अपनी सूझबूझ से तीन सफल डिलीवरी कराने के बाद एएनएम अभिलाषा सिंह ने चिकित्सक डॉ. शिव प्रजापति को सूचना दी, तो वे केंद्र पहुंच गए।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.