Logo
ब्रेकिंग
धनतेरस: आज सोना-चांदी खरीदने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, पूजा और दीपदान का भी है विशेष महत्व सिविल जज बनने के बाद भी नहीं डिगा वैराग्य का संकल्प, प्रखरश्री ने चुना मोक्ष का मार्ग बैतूल बनेगा खेलो का हब, कुकरु को मिनी शिमला बनाने की तैयारी,हेमंत खंडेलवाल के प्रयास रंग लाए, मिली 4... जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा का संदेश लेकर आगे बढ़ा रक्तदान अभियान, सनातनी विनोद कुमार बिंदल के मंदिर... सतपुड़ा वैली पब्लिक स्कूल बना बैतूल का नंबर 1 को-एड डे स्कूल, एजुकेशनवर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग 202... बैतूल में SevaMitra की शुरुआत, अब घर बैठे बुक करें होम सर्विस फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू...
Seva Mitra
Header Ad

Import Duty on Edible Oil: भारत में घट सकती है खाद्य तेलों पर आयात शुल्क, बढ़ती महंगाई से मिलेगी राहत

भारत में लगातार बढ़ रही खाने-पीने की चीजों की कीमतों के बीच आम लोगों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आ रही है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार देश में वेजिटेबल ऑयल (खाद्य तेल) पर आयात शुल्क यानी इंपोर्ट ड्यूटी घटाने पर गंभीरता से विचार कर रही है, जिससे त्योहारों के इस दौर में बढ़ती तेल की कीमतों को काबू में किया जा सके.

🚢 2. दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य तेल आयातक देश है भारत, मलेशिया-इंडोनेशिया और अर्जेंटीना से होती है मुख्य सप्लाई

भारत दुनिया का ऐसा सबसे बड़ा देश है जो अपनी जरूरत का सबसे अधिक खाद्य तेल विदेशों से खरीदता है. देश अपनी कुल खपत का लगभग दो-तिहाई हिस्सा आयात करता है, जिसमें मुख्य रूप से पाम ऑयल, सोयाबीन ऑयल और सनफ्लावर ऑयल शामिल हैं, जो मलेशिया, इंडोनेशिया, अर्जेंटीना, रूस और यूक्रेन जैसे देशों से मंगाए जाते हैं.

💰 3. पिछले एक साल में करीब 20 प्रतिशत तक महंगे हुए हैं खाद्य तेल, त्योहारी मांग को देखते हुए सरकार का मंथन

देश में पिछले एक साल के दौरान वेजिटेबल ऑयल की कीमतों में लगभग 20% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सितंबर से नवंबर के बीच आने वाले त्योहारी सीजन के दौरान मिठाइयों और तली हुई चीजों की मांग और बढ़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए सरकार कीमतों पर लगाम लगाने के लिए बेसिक इंपोर्ट ड्यूटी में 5% तक की कटौती का विकल्प तलाश रही है.

🌾 4. किसानों के हितों का भी रखा जा रहा है पूरा ध्यान, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर भी पड़ सकता है असर

रिपोर्ट के अनुसार, सरकार का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत देना तो है ही, साथ ही घरेलू किसानों के हितों का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है ताकि सोयाबीन की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे न जाएं. हालांकि, उद्योग अधिकारियों का मानना है कि केवल ड्यूटी घटाना ही काफी नहीं होगा, क्योंकि मांग बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पाम और सोयाबीन तेल के दाम प्रभावित हो सकते हैं.

Comments are closed.