Logo
ब्रेकिंग
फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ... Patna Mithila Colony Incident: दानापुर में खूनी संघर्ष, शादी से पहले सिपाही भाई ने की आत्महत्या, पुल... Delhi Demolition News: शालीमार बाग मैक्स अस्पताल रोड पर देर रात चला पीला पंजा; भारी पुलिस बल तैनात, ... Monsoon Update 2026: मॉनसून की विदाई के बीच बिगड़ेगा मौसम; मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर में भारी...
Header Ad

Petrol Pump UPI Controversy: क्या वाकई 5 रुपये के चार्ज से हो रहा है भारी नुकसान? जानिए डीलर्स की मांग और असल सच्चाई

2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई (UPI) भुगतान पर चार्ज लगाने की चर्चा के बाद से यह पूरे देश में बहस का मुद्दा बन गया है. हालांकि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यह चार्ज आम जनता की जेब से नहीं लिया जाएगा, लेकिन पेट्रोल पंपों पर 2000 रुपये से अधिक के ईंधन खरीद पर 5 रुपये का फिक्स चार्ज लगाने की घोषणा से पंप मालिकों की चिंता बढ़ गई है. पंजाब, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों के पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने साफ कह दिया है कि वे 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजैक्शन स्वीकार नहीं करेंगे.

📋 2. ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन की मांग, फिक्स मार्जिन और बढ़ते खर्चों के बीच चार्ज से छूट की गुहार

एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल की ओर से वित्त मंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि पेट्रोल पंप डीलर्स फिक्स मार्जिन पर काम करते हैं जो प्रति-लीटर के हिसाब से तय होता है. अक्टूबर 2017 के बाद से कमीशन में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि बिजली, मजदूरी और अन्य रेगुलेटरी लागतें लगातार बढ़ रही हैं. डीलर्स का कहना है कि ट्रांजैक्शन की वैल्यू बढ़ने से उनकी कमाई नहीं बढ़ती, इसलिए 2,000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर 5 रुपये का फिक्स्ड चार्ज उनके मुनाफे पर सीधा असर डालेगा.

🧮 3. नफा-नुकसान का पूरा गणित: जानिए प्रति ट्रांजैक्शन 5 रुपये कटने से डीलर्स की कमाई पर कितना असर पड़ता है?

इस पूरे विवाद के बीच यदि गणित को समझें तो पेट्रोल पंपों को प्रति लीटर के हिसाब से कमीशन मिलता है. उदाहरण के लिए, यदि कोई ग्राहक 3000 रुपये का पेट्रोल डलवाता है और डीलर को प्रति लीटर औसत कमीशन मिलता है, तो 5 रुपये का एमडीआर (MDR) चार्ज कटने के बाद भी डीलर के पास पर्याप्त मुनाफा बचता है. हालांकि, डीलर्स का तर्क है कि रोजाना के हजारों ट्रांजैक्शंस को देखते हुए यह अतिरिक्त बोझ उनके मार्जिन को प्रभावित करता है, जबकि एनपीसीआई (NPCI) के नियमों के तहत यह चार्ज कस्टमर से नहीं वसूला जा सकता.

Comments are closed.