Logo
ब्रेकिंग
जय स्तंभ चौक पर आठ युवकों में जमकर मारपीट, बेल्ट-डंडे चले राहुल गांधी के खिलाफ FIR के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, गांधी चौक से जय स्तंभ तक निकाली रैली पुणे के बाद अब इंदौर में राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम: 12 सितंबर को महारानी अहिल्याबाई... कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट: 11 की मौत, दर्जनों घायल; 10 बुलडोजर से हटाया जा रह... राजस्थान में नए एक्सप्रेसवे पर परिवार ने की 'दावत': सड़क किनारे बैठकर खाना खाते वीडियो वायरल; सोशल म... उन्नाव के भगवंतनगर में उमड़ा बहनों का सैलाब: समाजसेवी पुष्पेंद्र प्रताप सिंह ने कराया रक्षाबंधन महोत... 'आरोपियों पर एक्शन नहीं, राहुल पर केस दर्ज': जयराम रमेश बोले- 24 घंटे में साबित हो गया दलितों के साथ... मुंबई में सीढ़ियों पर साइकिल खड़ी करने पर 15 लाख का जुर्माना: बॉम्बे हाई कोर्ट ने रद्द किया फैसला, स... ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रही बस में गैंगरेप: फिरोजाबाद कनेक्शन आया सामने; बस मालिक ने पुलिस को दी ड... पीएम स्वनिधि से बदली जिंदगी, पर अब आजीविका पर संकट; बेंगलुरु की इडली-डोसा वेंडर टीएस निंगम्मा की दास...
Header Ad

छत्तीसगढ़ में बिजली निजीकरण पर CM विष्णु देव साय का बड़ा बयान: ‘सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं, कांग्रेस फैला रही भ्रम’

रायपुर (छत्तीसगढ़): राज्य में बिजली व्यवस्था के निजीकरण को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने दो-टूक शब्दों में कहा कि राज्य सरकार की बिजली वितरण या उत्पादन व्यवस्था के निजीकरण की दूर-दूर तक कोई मंशा नहीं है। उन्होंने कांग्रेस के इन तमाम आरोपों को पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि विपक्ष केवल जनता के बीच अनावश्यक गलतफहमी और भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहा है।

📢 ‘सुनवाई महज एक रूटीन प्रक्रिया’: जनता को गुमराह न करने की नसीहत

मुख्यमंत्री के वक्तव्य के मुख्य बिंदु:

  • नियमित प्रक्रिया का हिस्सा: राजधानी रायपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि जिस जनसुनवाई या विधिक प्रक्रिया को निजीकरण से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है, वह वस्तुतः विद्युत नियामक आयोग की एक तय और सामान्य रूटीन प्रक्रिया है।

  • भ्रामक प्रचार पर रोक: मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी सामान्य प्रशासनिक व विधिक प्रक्रियाओं को आधार बनाकर निजीकरण की तैयारी का रंग देना सर्वथा अनुचित और भ्रामक है।

  • उपभोक्ता हितों की रक्षा: राज्य सरकार प्रदेश के सभी वर्गों, किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को सस्ती व निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Comments are closed.