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पीएम स्वनिधि से बदली जिंदगी, पर अब आजीविका पर संकट; बेंगलुरु की इडली-डोसा वेंडर टीएस निंगम्मा की दास्तान

बेंगलुरु (कर्नाटक): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 137वें एपिसोड में बेंगलुरु की एक महिला स्ट्रीट वेंडर टीएस निंगम्मा के संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायी कहानी देश के साथ साझा की।

प्रधानमंत्री ने उनकी कहानी को इस बात के सशक्त उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया कि कैसे सरकारी योजनाएं जमीनी स्तर पर महिलाओं की आजीविका को मजबूत कर रही हैं। हालांकि, एक तरफ जहां देशभर में उनकी तारीफ हो रही है, वहीं दूसरी तरफ निंगम्मा ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के डर से भारी मानसिक तनाव में हैं।

📍 होसाहल्ली मेट्रो स्टेशन के पास लगाती हैं ठेला: आजीविका छिनने का सता रहा डर

स्थान और वर्तमान संकट:

  • मूल निवास व कार्यस्थल: मूल रूप से कर्नाटक के हासन जिले की रहने वाली निंगम्मा अब बेंगलुरु में बस चुकी हैं और मगदी रोड स्थित होसाहल्ली मेट्रो स्टेशन के पास फुटपाथ पर अपना छोटा सा ठेला लगाती हैं।

  • अधिकारियों का अल्टीमेटम: ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के अधिकारी मेट्रो स्टेशन के आसपास से फुटपाथ खाली कराने के तहत उन्हें ठेला हटाने का निर्देश दे रहे हैं।

  • भविष्य की चिंता: निंगम्मा को इस बात की गहरी चिंता सता रही है कि यदि उनका ठेला हटा दिया गया, तो वे अपने परिवार का भरण-पोषण और जीवन यापन कैसे कर पाएंगी।

🍲 पीएम स्वनिधि योजना से मिली थी नई ताकत: मेनू में जोड़े नए व्यंजन

योजना का लाभ और कारोबार का विस्तार:

  • शुरुआती संघर्ष: निंगम्मा और उनके पति ने सड़क किनारे इडली, डोसा और सांभर बेचने का एक छोटा सा काम शुरू किया था। स्वाद और ग्राहकों के सहयोग से काम तो चला, लेकिन कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) की तंगी आगे बढ़ने में बाधा बन रही थी।

  • आर्थिक संबल: ‘प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना’ (PM SVANidhi Scheme) के तहत मिले माइक्रो-क्रेडिट ऋण ने उनकी तकदीर बदल दी। इस सरकारी सहायता से उन्होंने थोक में कच्चा माल खरीदा, बुनियादी ढांचे को बेहतर किया और मेनू में नए व्यंजन शामिल किए।

📚 परिवार की आर्थिक स्थिति में हुआ सुधार: 3 बच्चों को मिल रही बेहतर शिक्षा

सकारात्मक सामाजिक बदलाव:

  • आय में बढ़ोतरी: ग्राहकों की संख्या बढ़ने से दैनिक कमाई में इजाफा हुआ और परिवार की माली हालत काफी सुधर गई।

  • बच्चों की पढ़ाई: पीएम मोदी ने उल्लेख किया कि निंगम्मा अब अपनी इस कमाई से अपने तीनों बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने में पूरी तरह सक्षम हैं, जो यह सिद्ध करता है कि एक महिला उद्यमी का विकास पूरे परिवार को सशक्त बनाता है।

👩‍💼 पीएम स्वनिधि में 46% महिला लाभार्थी: 35 लाख महिलाएं उठा रहीं लाभ

योजना से जुड़े प्रमुख आंकड़े:

  • महिला सशक्तिकरण: प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि पीएम स्वनिधि योजना के कुल लाभार्थियों में लगभग 46 प्रतिशत हिस्सेदारी महिलाओं की है।

  • देशव्यापी विस्तार: देशभर में करीब 35 लाख से अधिक महिला स्ट्रीट वेंडर्स इस योजना के जरिए लोन लेकर अपने छोटे व्यवसायों को आत्मनिर्भर बना रही हैं।

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