
बागपत में सनसनीखेज डबल मर्डर: 20 दिन से लापता दो दोस्तों के शव मंदिर की धूनी के नीचे दफन मिले, फरार पुजारी पर शक
बागपत (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में दो दोस्तों की नृशंस हत्या का एक अत्यंत सनसनीखेज मामला सामने आया है। पिछले करीब 20 दिनों से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता अंकित और इसरार के शव लहचौड़ा गांव स्थित गणेश मंदिर परिसर में बनी धूनी के नीचे दफन मिले। पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में गड्ढा खुदवाकर दोनों शवों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया है। परिजनों ने मंदिर के पुजारी पर हत्या का संगीन आरोप लगाया है। पुलिस की शुरुआती जांच में घटना की वजह अवैध संबंध बताई जा रही है, हालाँकि वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा।
🕵️ 20 दिन से घर से लापता थे दोनों मित्र, मंदिर के पुजारी से मिलने के बाद से थे सुरागहीन
यह दुखद एवं झकझोर देने वाला मामला चांदीनगर थाना क्षेत्र के लहचौड़ा गांव का है।
अंकित और इसरार आपस में गहरे मित्र थे। दोनों लगभग 20 दिन पूर्व अपने घर से निकले थे, किंतु वापस लौटकर नहीं आए। परिजनों ने संभावित स्थानों पर काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। परिजनों के अनुसार, दोनों मित्र लहचौड़ा गांव के गणेश मंदिर में रहने वाले पुजारी से मिलने गए थे और उसी के बाद से लापता हो गए थे। अनवरत तलाश के बीच अंततः परिजनों को मंदिर परिसर में ही दोनों के शव दफन होने की गुप्त सूचना प्राप्त हुई।
⛏️ धूनी के नीचे गहरा गड्ढा खोदकर दबाए गए थे शव, ऊपर बिछा दी गई थीं इंटरलॉकिंग टाइल्स
सूचना मिलते ही पुलिस की भारी टीम मंदिर परिसर पहुँची। इसके बाद जिस स्थान पर शव दफन होने की आशंका जताई गई थी, वहाँ खुदाई कराई गई।
गड्ढा खोदते ही दोनों लापता युवकों के शव बरामद हो गए, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जांच में पाया गया कि साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शवों को मंदिर परिसर में बनी धूनी के नीचे दफनाया गया था और ऊपर से फर्श पर इंटरलॉकिंग टाइल्स लगा दी गई थीं, ताकि किसी को संदेह न हो।
🧘♂️ पूर्व में सिंगोली तगा मंदिर में रहता था आरोपी पुजारी, घटना के बाद से चल रहा है फरार
मृतक के परिजनों ने मंदिर के पुजारी पर ही दोनों युवकों की हत्या में मुख्य भूमिका निभाने का शक जताया है।
बताया जा रहा है कि यह पुजारी पूर्व में अंकित और इसरार के पैतृक गांव ‘सिंगोली तगा’ स्थित मंदिर में निवास करता था। लगभग छह माह पूर्व ही वह स्थानांतरित होकर लहचौड़ा के गणेश मंदिर में रहने आया था। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि दोनों दोस्त पुजारी से मिलने ही मंदिर पहुँचे थे और वहीं से लापता हुए। वारदात के उजागर होते ही आरोपी पुजारी मंदिर छोड़कर फरार है।
💔 प्रेम प्रसंग और अवैध संबंध बने हत्या का कारण! पुलिस की शुरुआती जांच में खुलासा
पुलिस की प्रारंभिक तफ्तीश में इस दोहरे हत्याकांड के तार अवैध संबंधों और प्रेम-प्रसंग से जुड़ते नजर आ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, मृतकों में से एक युवक के परिवार की किसी महिला के साथ अवैध संबंधों को लेकर यह खूनी वारदात अंजाम दिए जाने की आशंका है। चर्चा यह भी है कि संबंधित महिला का संबंध मंदिर के पुजारी से भी था। बहरहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर गहनता से जांच कर रही है ताकि घटना की वास्तविक वजह और इसमें शामिल अन्य षड्यंत्रकारियों की भूमिका उजागर हो सके।
🚔 पुलिस ने गठित की कई टीमें, परिजनों ने आरोपी पुजारी के सख्त एनकाउंटर की उठाई मांग
दोनों युवकों के शव बरामद होने के बाद संपूर्ण इलाके में गहरा तनाव और सनसनी का माहौल व्याप्त हो गया।
पुलिस ने स्थिति को देखते हुए निष्पक्ष जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के सटीक समय और तरीके से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब मिलने की संभावना है। आक्रोशित परिजनों ने फरार आरोपी पुजारी के खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई और एनकाउंटर की मांग की है। फिलहाल पुलिस की कई टीमें फरार पुजारी की संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नृशंस हत्याकांड और शवों को छिपाने में पुजारी के साथ कौन-कौन शामिल था।

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