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जबलपुर में मनमर्जी से बढ़ा रहे दूध के दाम, जनता को प्रशासन से है कार्रवाई की आस

जबलपुर। जबलपुर में डेयरी संचालकों ने एक बार फिर मनमर्जी से दूध के दाम बढ़ा दिए हैं। प्रति लीटर दूध की कीमत में तीन रुपये की वृद्धि डेयरी संचालकों ने की है। दूध के दाम बढ़ने से नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है। डेयरी संचालकों की मनमर्नी पर अंकुश लगाने के लिए वे प्रशासन से कार्रवाई की आस लगा रहे हैं। कुछ संगठनों ने दूध मूल्य वृद्धि का विरोध शुरू कर दिया है।

आरोप लगाए जा रहे हैं कि दूध की कीमतों में वृद्धि से पूर्व डेयरी संचालकों ने न तो प्रशासन से अनुमति ली, न ही सूचना दी। जबलपुर में 100 से ज्यादा डेयरियां संचालित हैं, जहां पर रोजाना लाखों लीटर दूध उत्पादन होता है। यहां से बड़ी मात्रा में दूध की खेप नागपुर और अन्य शहरों में भेज दी जाती है। जो शेष बचता है, उसे शहर में खपाया जा रहा है। इस दूध की गुणवत्ता ठीक नहीं रहती है।

गुणवत्ता से खिलवाड़ करने के बाद भी दूध के दाम बढ़ाकर 70 से 73 रुपये कर दिए गए। इधर वेटरनरी विभाग भी इन डेयरियों में पले गोवंश के साथ हो रहे अत्याचार और ज्यादा दूध उत्पादन की लालच में उन्हें लगाए जा रहे जहरीले इंजेक्शन को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिले में तीन साल के भीतर दूध के दामों में 11 रुपये तक वृद्धि की जा चुकी है।

त्योहारों के ठीक पहले दूध के दाम बढ़ाकर महंगाई का झटका दिया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग प्रशासन के मौन पर नाराज है। इधर दुग्ध माफियाओं ने अपनी मर्जी से दाम बढ़ दिए हैं। जबकि गाय-भैंस पालन में उपयोग होने वाली खाद्य सामग्री चारा, भूसा के दाम फिलहाल नहीं बढ़े हैं, मुनाफाखोरी के लिए दूध के दाम बढ़ा दिए गए। दूसरी ओर आसपास के गांवों में भैंस का दूध 50 से 55 रुपये लीटर मिल रहा है।

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