
योग सिर्फ शरीर को मोड़ने या सांस लेने की क्रिया नहीं है. यह एक गहरा विज्ञान है, जो हमारे शरीर, मन और आत्मा को संतुलन में लाने का काम करता है. योग की एक खास और असरदार विधि है हस्त मुद्राएं. यानी उंगलियों और हाथों से बनाई जाने वाली खास आकृतियां, जो शरीर की ऊर्जा को संतुलित करती हैं. मुद्राएं दिखने में आसान होती हैं, लेकिन उनका असर बहुत गहरा होता है. ये हमारे शरीर की ऊर्जा, नसों, हार्मोन और दिमाग पर असर डालती हैं. इसे आप एक तरह की ऊर्जात्मक चिकित्सा भी कह सकते हैं. जब कोई व्यक्ति नियमित रूप से इन मुद्राओं को करता है, तो शरीर में सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं और कई रोगों से भी राहत मिलती है.
प्राचीन योग ग्रंथों और पतंजलि योगसूत्र के साथ-साथ बाबा रामदेव की किताब Its Philosophy and Practice में बताया गया है कि ये मुद्राएं ना केवल शारीरिक सेहत के लिए फायदेमंद हैं, बल्कि मानसिक शांति और खुद के विकास में भी मदद करती हैं. बाबा रामदेव के अनुसार, हमारा शरीर पांच तत्वों से बना है , अग्नि, जल, वायु, पृथ्वी और आकाश. जब इन तत्वों में असंतुलन आता है, तो शरीर में बीमारियां होने लगती हैं. लेकिन मुद्राओं के जरिए इस असंतुलन को ठीक किया जा सकता है. तो चलिए जानते हैं कि मुद्राएं कितने प्रकार की होती हैं और इन्हें करने का सही तरीका क्या है, जो शरीर को फायदे पहुंचाती हैं.

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