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ऑफिस तो बाद में खुल जाएगा पहले जिंदगी बचाओ, भारत के हमले से कांपने लगे थे पाकिस्तान के बड़े सैन्य अधिकारी

पहलगाम आतंकी हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना की ओर से किए गए सटीक हमलों से पाकिस्तानी सेना के अंदर अराजकता और दहशत फैल गई थी. इंटरसेप्ट से यह पता चला है कि इस हमले के दौरान उसके कई अधिकारी तो अपनी पोस्ट ही छोड़ कर भाग गए थे और वापस लौटने से इनकार भी कर दिया.

भारतीय सेना से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इंटरसेप्ट की गई बातचीत से यह पता चला है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास तैनात पाकिस्तानी सेना की 75वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड के एक कमांडर ने ऑपरेशन के दौरान अपनी पोस्ट पर लौटने से इनकार कर दिया.

ऑफिस बाद में खुलेगा…

वहां पर ताबड़तोड़ हमले से लोग इस कदर दहशत में आ गए थे, कि जब जूनियर अफसर ने ऑफिस को फिर से खोलने के बारे में अपने सीनियर से संपर्क किया, तो कमांडर ने कथित तौर पर जवाब दिया, “ऑफिस बाद में खुलेगा, पहले अपनी जान बचाओ.”

यह कहानी है PoK के मुजफ्फराबाद के पास स्थित 75वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड की, जहां सीमापार आतंकी ढांचे पर भारतीय सेना की ओर से लक्ष्य साधकर हमले किए गए. इस हवाई हमले में सवाई नाला क्षेत्र और सैयदना बिलाल कैंप सहित कई कैंप नष्ट हो गए, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए और 2 प्रमुख लॉन्च पैड भी बर्बाद हो गए.

भारतीय सेना की ओर से समाचार एजेंसी आईएएनएस के साथ साझा किए गए एक अन्य इंटरसेप्टेड कम्युनिकेशन में, जूनियर पाकिस्तानी अधिकारियों को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “हमारे कमांडर साहब बड़ी मुश्किल से बचकर निकलने में कामयाब रहे हैं. वे मस्जिद में नमाज अदा कर रहे हैं. उन्होंने अपने लोगों को यहां भेज दिया है और कहा है कि वे तभी लौटेंगे जब स्थिति शांत हो जाएगी.”

भारत के हमले में पाकिस्तान को खासा नुकसान

पाकिस्तानी सेना के भीतर मरने वालों की संख्या ने दहशत को और बढ़ा दिया. एक इंटरसेप्ट ने 16वीं बलूच रेजिमेंट के कैप्टन हसनैन शाह की मौत की पुष्टि की, जो हाजी पीर सेक्टर में हमले में मारे गए थे. कथित तौर पर उनके शव को 6th पाकिस्तानी ब्रिगेड एबटाबाद लेकर वापस आया था. भारतीय सेना के अधिकारियों का अनुमान है कि भारत के हमलों में कम से कम 64 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए जबकि 96 से अधिक घायल हो गए.

सेना के अनुसार, भारत ने अपने हमले के दौरान नागरिक या गैर-सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाया, बल्कि सिर्फ आतंकी ठिकानों और आतंकवादियों को कवर प्रदान करने वाली जगहों पर हमले किए.

पिछले महीने 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमले में 26 लोगों की हत्या कर दी गई थी, जिसमें ज्यादातर पुरुष पर्यटक थे. बाद में भारत ने इस आतंकी हमले के बदले में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया और पाकिस्तान तथा पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकियों के कई ठिकानों पर सटीक हमले कर उसे तबाह कर दिया. इस हमले के जरिए शीर्ष आतंकवादियों को मार गिराया गया और उनके लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर को भी तबाह कर दिया गया.

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