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35000 गाड़ियों की सेल, 9 लाख में VIP नंबर, 176 करोड़ का रेवेन्यू… उज्जैन के व्यापार मेले में टूटे कई रिकॉर्ड

धार्मिक नगरी उज्जैन में लगने वाले उज्जयिनी विक्रम व्यापार मेले का आयोजन होते हुए वैसे तो अभी 2 वर्ष ही हुए हैं, लेकिन इन 2 वर्षों में ही वाहनों के विक्रय के सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं. जैसा अब तक किसी भी मेले में देखने को नहीं मिला था. पिछले वर्ष इस मेले में लगभग 23000 गाड़ियों का विक्रय किया गया था जिससे शासन को लगभग 125 करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिला था. इस वर्ष इस मेले को और भी सफलता मिली है जिसमें 64 दिनों के लिए आयोजित हुए इस मेले में लगभग 35000 गाड़ियां बेची गई और शासन को कुल 176 करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिला है.

विक्रम महोत्सव के तहत उज्जैन में वैसे तो कई आयोजन हुए लेकिन उज्जयिनी विक्रम व्यापार मेला पिछले वर्ष की तरह ही इस बार भी पूरी तरह सफल साबित हुआ. जिसमें प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर के लोग वाहन खरीदने के लिए पहुंचे. उन्होंने मेले में मिलने वाली छूट का लाभ उठाया और मेले की व्यवस्थाओं से खुश भी नजर आए. आरटीओ संतोष मालवीय ने जानकारी देते हुए बताया कि विक्रम व्यापार मेला लगातार ऊंचाइयों को छूता जा रहा है. इस वर्ष यह मेला इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित किया गया था, जिसमें कुल 230 डीलर और शोरूम मालिकों ने रजिस्ट्रेशन कराया था.

152 कंपनियों ने कराया था रजिस्ट्रेशन

कुल 152 कंपनियां इस मेले में शामिल हुई थीं. मेले की शुरुआत के साथ ही पूरे देशभर से बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंचने लगे थे जिन्होंने अपनी पसंदीदा गाड़ियां खरीदी. इस वर्ष मेले में बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज़, ऑडी जैसी गाड़ियों की भी जमकर बिक्री हुई है. आरटीओ संतोष मालवीय ने बताया कि इस वर्ष आयोजित मेले में सरकार को 176 करोड़ का रेवेन्यू मिला है. साथ ही कुल 35000 गाड़ियां भी मेले में बेची गई हैं.

टैक्स पर मिली 50% की छूट

उज्जयिनी विक्रम व्यापार मेले के पहले काफी समय से ग्वालियर में एक मेला लगता आ रहा है लेकिन इतनी गाड़ियों का विक्रय कभी भी नहीं हुआ है. इस मेले में विक्रय की गई गाड़ियों से सभी रिकॉर्ड टूट चुके हैं. विक्रम व्यापार मेले में गाड़ियां खरीदने पहुंचे लोग भी निराले हैं क्योंकि जहां एक ओर उन्होंने इस मेले में टैक्स पर मिलने वाली 50% की छूट का लाभ लिया तो वहीं कुछ लोगों ने अपने पसंदीदा नंबर के लिए बोली भी लगाई. आरटीओ संतोष मालवीय ने बताया कि इस मेले में एक वीआईपी नंबर की बोली 9 लाख रुपए तक लगी.

2024 में हुई थी मेले की शुरुआत

प्रदेश में इस तरह का मेला पहले सिर्फ ग्वालियर में लगाया जाता था लेकिन मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने उज्जयिनी विक्रम व्यापार मेले की शुरुआत 2024 में की थी. इस मेले की शुरुआत के समय किसी को भी यह पता नहीं था कि यह मेला आने वाले दिनों में प्रदेश ही नहीं बल्कि, पूरे देश भर में अपनी एक अलग पहचान बनाएगा. इस मेले में देशभर से लोग अपनी पसंदीदा गाड़ियां खरीदने के लिए आएंगे. विक्रम व्यापार मेले ने पहले साल ही ग्वालियर में आयोजित होने वाले मेले के रिकॉर्ड को तोड़ दिया था, लेकिन अब यह मेला और भी पसंद किया जाने लगा है जिसमें कई रिकॉर्डबननेलगे

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