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2 घोड़ियों को जहर का इंजेक्शन देकर मारा गया, आखिर क्या थी ऐसी मजबूरी?

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर में दो घोड़ियों को जहर का इंजेक्शन देकर मार डाला गया, जिन दो घोड़ियों को जहर का इंजेक्शन लगाया गया वो संजाल नस्ल की थीं. बताया जा रहा है कि घोड़ियों को ग्लैंडर्स नाम की एक खतरनाक बीमारी हो गई थी. घोड़ियों में बीमारी की पुष्टि होने के बाद वेटनरी विभाग की टीम ने प्रोटोकॉल के तहत दोनों को जहर का इंजेक्शन लगा दिया.

दोनों का शव शहर से लगे भिट्ठीकला में दफना दिया गया है. ग्लैंडर्स नाम की बीमारी घोड़ों , खच्चरों और गधों में पाई जाती है. मानव भी अगर इनके संपर्क में आता है, तो उसे भी ये बीमारी अपनी गिरफ्त में ले सकती है. बताया जा रहा है कि शहर के नवापारा के रहने वाले एक व्यक्ति ने शादी-विवाह में उपयोग लिए घोड़े और घोड़ियां पाल रखी हैं. उसके पास ही एक घोड़ी में ग्लैंडर्स बीमारी के लक्षण दिखे थे. ग्लैंडर्स बीमारी के लक्षण देखने वाली घोड़ी के साथ दूसरी घोड़ी भी थी.

पांचवी बार दोनों की रिपोर्ट आई पॉजिटिव

इसके बाद पशुपालन विभााग ने चार बार दोनों के ब्लड का सैंपल हरियाणा के हिसार में राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र भेजा, लेकिन इन रिपोर्ट में एक ही घोड़ी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जबकि दूसरे की रिपोर्ट नेगिटिव आई. फिर जब पांचवी बार दोनों का सैंपल भेजा गया तो दोनों पॉजिटिव मिलीं. पशुपालन विभाग की ओर से बताया गया कि दोनों घोड़ियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई.

तीन माह तक घोड़ा प्रजाति की एंट्री बैन

वहीं संक्रमित पाई गईं घोड़ियों के मालिक से भी डिटेल में पूछचाछ की जा रही है. इनके संपर्क में जो लोग आए होंगे, उनका भी सैंपल लिया जाएगा. इसके लिए दिला कलेक्टर ने स्वास्थय विभाग को निर्देश दे दिए हैं. इधर अंबिकापर में अब तीन महीने के लिए घोड़ा प्रजाति के जानवरों का आना जाना प्रतिबंधित कर दिया गया है. राज्य सरकार की ओर से इसे लेकर आदेश जारी कर दिया गया है. मतलब अब जिले में दूल्हे घोड़ी पर नहीं चढ़ पाएंगे.

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