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सीएम फडणवीस से मिले राज ठाकरे, 50 मिनट से ज्यादा चली बातचीत, क्या पक रही नई खिचड़ी?

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महाराष्ट्र की राजनीति में सियासी हलचल तेज हो गई है. गुरुवार की सुबह को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच बैठक हुई. राज ठाकरे सीएम से मिलने उनके वर्षा बंगले पर पहुंचे. इसी के बाद राज और फडणवीस की मुलाकात पर राजनीतिक चर्चाओं का दौर फिर शुरु हो गया है. मीटिंग के बाद राज ठाकरे ने बताया कि उनकी सीएम से किन मामलों को लेकर चर्चा हुई.

राज ठाकरे और सीएम के बीच में हुई इस मुलाकात के समय को लेकर अटकलें तेज हो गई है. दरअसल, हाल ही में ठाकरे बंधु राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक मंच पर मराठी भाषा के मामले को लेकर साथ आए. लेकिन, अब राज ठाकरे ने सीएम फडणवीस से उस समय मुलाकात की है जब ठाकरे बंधु बीईएसटी कर्मचारी सहकारी क्रेडिट सोसायटी चुनाव में पूरी तरफ से फेल हो गए. ठाकरे बंधुओं 21 में से एक भी सीट जीतने में नाकाम रहे.

किन मामलों पर हुई चर्चा?

राज ठाकरे ने सीएम से मुलाकात के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने बताया कि इस मीटिंग में दोनों के बीच क्या-क्या चर्चा हुई. राज ठाकरे ने कहा, मैं मुख्यमंत्री जी को मिला, मुंबई के ट्रैफिक समस्याओं को लेकर एक योजना पर बात की. इस बैठक में ट्रैफिक पुलिस के जॉइंट सीपी, अधिकारी भी मौजूद थे. मैंने ये रणनीति बताई की छोटे-छोटे मैदानों के नीचे 500 से 1000 गाड़ियों की पार्किंग पथ बनाया जाए.

उन्होंने आगे कहा, पार्किंग और नो पार्किंग के लिए अलग-अलग फुटपाथ के अलग-अलग रंग लगाए जाएं. ताकि लोगों को पता हो किस फुटपाथ किनारे गाड़ी लगाना चाहिए और कहा नहीं. मैंने इसको लेकर प्रेजेंटेशन दिया.

राज ठाकरे ने कहा, आज दुपहिया वाहन चालक सिग्नल सिस्टम का पालन नहीं करते, कानून का पालन नहीं करते. ऐसे में शहर के ट्रैफिक की समस्या दूर नहीं होगी. ये गैर जवाबदेही मुंबई को आगे बढ़ने नहीं देगी कैसे गाड़ी चलाना है, कैसे कहां पार्क करना है, कहां फेरीवालों को जगह देनी है, कहां नहीं इस सब बातों पर चर्चा हुई.

मुंबई की सड़कों पर बोले

आज मुंबई के सड़कों की क्या हालत है, लोग गड्ढों में गिरकर मर रहे हैं. यहां सड़क बनाने वाले ठेकेदार अलग हैं वो सड़क बनाते ही इसलिए हैं क्योंकि सड़क खराब हो. इसके बाद आते है खराब सड़क को रिपेयर करने वाले ठेकेदार. बाद में आते हैं गड्ढा भरने वाले ठेकेदार. ये गड्ढा भरते कम है खोदते ज्यादा हैं. यह हालात हैं मुंबई के और सिर्फ मुंबई नही महाराष्ट्र के सभी शहरों-गांवों का यही हाल है.

लेकिन, जो बाहर से आ रहे हैं उन्हें उनके राज्य में अच्छे रोजगार के साधन बना कर देंगे तो वो मुंबई में आना बंद करेंगे और यहां जो झोपड़े बन रहे हैं वो बंद होंगे, मुंबई में बाहर से लोगों का आना जबतक बंद नहीं होगा यहां इस शहर की समस्या ऐसी ही बनी रहेगी.

50 मिनट चली मीटिंग

राज ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस की ये मीटिंग लगभग 50 मिनट से ज्यादा समय तक चली. महाराष्ट्र में जल्द ही निकाय चुनाव भी होने हैं. निकाय चुनाव को लेकर उद्धव ठाकरे गुट के संजय राउत और बाकी नेता यह बयान दे चुके हैं कि राज ठाकरे के साथ मिलकर वो चुनाव लड़ सकते हैं. लेकिन, दूसरी तरफ मनसे प्रमुख की ओर से इस बात को लेकर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है. न खुद राज ठाकरे और न ही उनके किसी नेता ने यह कहा है कि उद्धव ठाकरे के साथ गठबंधन होगा या साथ मिलकर आगामी चुनाव लड़े जाएंगे.

यह मुलाकात उस समय हुई है जब उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने पहली बार मिलकर बीईएसटी कर्मचारी सहकारी क्रेडिट सोसायटी के चुनाव लड़े थे, लेकिन बुधवार को उन्हें करारी हार झेलनी पड़ी. शशांक राव के नेतृत्व वाली बीईएसटी वर्कर्स यूनियन पैनल ने 14 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी समर्थित पैनल (प्रसाद लाड और प्रवीण डेरेकर की अगुवाई वाला) ने 7 सीटें जीतीं. वहीं, ठाकरे बंधुओं का खाता भी नहीं खुला. यह हार उद्धव और राज ठाकरे के लिए बीएमसी चुनाव से पहले एक झटका मानी जा रही है.

नतीजों के बाद, देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह परिणाम बताते हैं कि ठाकरे ब्रांड को नकार दिया गया है. वहीं, प्रसाद लाड ने दावा किया कि कर्मचारियों ने 25 साल के शोषण की सजा दी है.

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