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सांस की नली में अटका चने का दाना, मां की गोद में तड़प-तड़पकर दो साल के मासूम ने तोड़ा दम

मध्य प्रदेश के रीवा जिले से दिल को कचोट देने वाला मामला सामने आया है. यहां दो साल के बच्चे के गले में चने का दाना अटक गया. इससे उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी. मासूम दर्द से कराहने लगा. चेहरा उसका लाल पड़ गया. यह देख मां ने उसे गोद में लिटाया. चना निकालने की कोशिश करने लगी, लेकिन कामयाब न हो पाई. आनन-फानन में बच्चे को अस्पताल पहुंचाया गया. लेकिन वहां डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया.

मामला रीवा के सगरा थाने के सराई गांव का है. यहां रहने वाले विष्णु साहू के दो साल के बेटे रौनक की मौत हो गई. मौत की वजह गले में चना का दाना अटकना बताई जा रही है. परिजनों ने बताया कि बुधवार की शाम सभी एक साथ बैठकर चने खा रहे थे. इसी दौरान रौनक भी वहां आ गया और प्लेट से चना उठाकर खाने लगा. अचानक एक दाना उसके गले में अटक गया. घरवालों ने उसे पानी पिलाया लेकिन चना बाहर नहीं आया. जब तक डॉक्टर के पास पहुंचे, तब तक रौनक की सांसें थम गई थी.

नहीं रुक रहे मां के आंसू

संजय गांधी अस्पताल के डॉ यत्नेष त्रिपाठी ने बताया कि चना बच्चे की सांस की नली में जाकर फंस गया था. इस कारण वो सांस नहीं पाया और उसकी मौत हो गई. बच्चे की सांस फूलने लगी थी और आंखें पलट गई थी. अपने बच्चे की यूं मौत से मां अनीता साहू का हाल बेहाल है. रोते-रोते मां ने बताया कि उसका बेटा उसकी आंखों के सामने खेल रहा था. उसकी गोद में ही बैठकर उसने चना खाया था. लेकिन अचानक ही वो तड़पने लगा. उसने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उसके लाल की जान चने के एक दाने की वजह से चली जाएगी.

टॉफी गले में चिपकने से मौत

यूपी के कानपुर में भी 4 साल के बच्चे की मौत गले में टॉफी चिपकने से हो गई थी.घटना के बाद पिता ने इंदौर की टॉफी बनाने वाली कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. लेकिन बाद में परिजनों ने शिकायत वापस ले ली. कानपुर के बर्रा क्षेत्र में एक 4 साल का मासूम अंवित टॉफी खा रहा था. अचानक टॉफी उसके गले में चिपक गई. जिससे उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी. आनन-फानन में परिजन उसे अस्पताल लेकर गए. जहां घंटों तड़पने के बाद उसकी मौत हो गई.

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