Logo
ब्रेकिंग
कवर्धा में फर्जी डिजिटल पेमेंट का भंडाफोड़: फर्जी रिसीविंग दिखाकर नकद राशि ऐंठने वाले गिरोह पर एक्शन Bhilai News: भिलाई सेक्टर-2 में गटर की सफाई के दौरान मिला नवजात का शव, इलाके में सनसनी; जांच में जुट... Barwani News: बिजासन घाट में शिमला मिर्च से भरे मिनी ट्रक में लगी भीषण आग, कूदकर बची ड्राइवर की जान;... लाठीचार्ज के बाद भड़के डॉक्टर्स, सीनियर रेजिडेंट्स ने किया OPD का बहिष्कार; JDA का समर्थन MP High Court on Dacoity Act: जब प्रदेश में डकैत ही नहीं तो 45 साल पुराना एक्ट क्यों? हाईकोर्ट ने DG... भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर अड़े इंटर्न डॉक्टर: कमला पार्क में धरना जारी, मिला कांग्रेस का... रतलाम में मॉडिफाइड साइलेंसरों पर गरजा पुलिस का बुलडोजर: 108 साइलेंसर कुचले, ₹1 लाख का जुर्माना वसूला Gwalior Achaleshwar Mandir: अचलेश्वर महादेव मंदिर की दानपेटी से निकली अनोखी चिट्ठियां, भक्त बोला- 'क... Chhindwara Patalkot School: पातालकोट में दावों की खुली पोल, 5 साल से छप्पर वाले कच्चे मकान में पढ़ने... सागर कांड के बाद छतरपुर प्रशासन का बड़ा एक्शन: अवैध शराब कारोबारियों पर संयुक्त प्रहार
Header Ad

लखनऊ: असलहों की फैक्ट्री मामले में हकीम तो प्यादा, असली खिलाड़ी कोई और? पोलैंड से POK और चीन तक कनेक्शन

लखनऊ का मलिहाबाद मालदह आमों के लिए मशहूर है. अब एक अपराध की सुर्खियों में है. जांच में सामने आया कि इस तस्करी रैकेट का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि मलिहाबाद तिहरे हत्याकांड का आरोपी लल्लन खां का भतीजा, ख्वाजा मोहम्मद गौस है. शुरू में पुलिस को लगता था कि सलाऊद्दीन उर्फ लाला इस रैकेट का सरगना है, लेकिन गहन छानबीन ने गौस को इस काले खेल का असली खिलाड़ी साबित किया.

गौस की एक तस्वीर, जिसमें वह बाराशिंगा के साथ नजर आ रहा था, सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी. यह तस्वीर केवल एक फोटो नहीं थी, बल्कि एक बड़े अपराधी नेटवर्क की कड़ी थी. जांच में पता चला कि सलाऊद्दीन के घर से बरामद बाराशिंगा की खाल उसी जानवर की थी, जिसके साथ गौस की तस्वीर ली गई थी. इस खुलासे ने पुलिस को चौंका दिया, क्योंकि यह केवल अवैध हथियारों की तस्करी नहीं, बल्कि वन्यजीव तस्करी से भी जुड़ा था.

पोलैंड से POK और चीन तक कनेक्शन

जांच के दौरान पुलिस को चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. गौस का नेटवर्क न केवल भारत तक सीमित था, बल्कि इसका दायरा पोलैंड, POK, और चीन तक फैला हुआ था. सूत्रों के अनुसार, गौस के पास चीनी निर्मित अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा था, जो वह अवैध रूप से भारत में सप्लाई करता था. POK के संदिग्धों के साथ उसकी बातचीत के सबूत भी मिले.

पुलिस को शक है कि गौस का यह रैकेट आतंकवादी संगठनों को हथियार सप्लाई करने में भी शामिल हो सकता है. लखनऊ पुलिस के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी इस मामले की गहन जांच में जुटी हैं. गौस के पकड़े जाने पर इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का और खुलासा होने की उम्मीद है.

एसटीएफ ने सलाऊद्दीन के घर पर छापेमारी की

25 जून 2025 की रात को मलिहाबाद, माल, और रहीमाबाद थानों की पुलिस और यूपी एसटीएफ ने सलाऊद्दीन के घर पर छापेमारी की थी. इस दौरान सैकड़ों कारतूस, अवैध हथियार, और हथियार बनाने का सामान बरामद हुआ. सलाऊद्दीन को हिरासत में लिया गया, लेकिन गौस को पुलिस की भनक लग गई और वह बड़ी संख्या में हथियारों के साथ फरार हो गया.

सूत्रों के मुताबिक, गौस के पास अत्याधुनिक हथियारों का बड़ा जखीरा है. उसने अपने नेटवर्क के जरिए इन हथियारों को कई राज्यों और शायद सीमा पार भी पहुंचाया. गौस की फरारी ने पुलिस के लिए चुनौती बढ़ा दी है, क्योंकि वह न केवल हथियार तस्करी में माहिर है, बल्कि अपनी पहचान छिपाने और पुलिस को चकमा देने में भी उस्ताद है.

जब पुलिस ने गौस को गिरफ्तार किया था, तो उसने बताया था कि उसकी तस्वीर 10 साल पुरानी थी और उसके विरोधियों ने उसे फंसाने के लिए इसे छेड़छाड़ कर वायरल किया. लेकिन पुलिस आज भी इस दावे को मानने को तैयार नहीं है. एसीपी विनीत सिंह ने बताया कि बाराशिंगा मामले में केस दर्ज है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.