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‘मेरा बेटा विशाल तो…’, 25 शादियां करने वाली फ्रॉड दुल्हन अनुराधा ने 7 साल पहले की थी लव मैरिज, ससुर ने खोली पोल

मध्य प्रदेश के भोपाल से अरेस्ट हुई लुटेरी दुल्हन अनुराधा के ससुर ने उसकी पोल पट्टी खोलकर रखी है. बताया कि कैसे 7 साल पहले अनुराधा ने उनके बेटे से लव मैरिज की. अब उनका बेटा कहां है वो उन्हें कुछ भी मालूम नहीं. वो जिंदा है भी या नहीं, ये भी नहीं पता. इस फ्रॉड दुल्हनिया की असल कहानी सुनेंगे तो आप भी दंग रह जाएंगे.

अनुराधा मूल रूप से यूपी के महाराजगंज जिले के रुद्रपुर शिवनाथ थाना कोल्हुई बजार की रहने वाली है. एक समय था जब अनुराधा भी किसी के इश्क में पागल थी. उस शख्स का नाम था विशाल पासवान. प्यार परवान चढ़ा तो दोनों ने साल 2018 में लव मैरिज की थी. उस वक्त अनुराधा एक अस्पताल में काम करती थी. साल 2021 में ससुराल वालों से झगड़ा हुआ तो पति को परिवार से अलग कर दिया.

फिर विशाल के साथ कहीं चली गई. विशाल के पिता की मानें तो तभी से उन्होंने बेटे-बहू से सारे नाते-रिश्ते तोड़ लिए थे. भोपाल में गिरफ्तारी के बाद ससुरालवालों को पता चला है कि अनुराधा भोपाल में रह रही थी. जांच में पता चला है कि अनुराधा ने 7 महीने में 25 शादियां कीं हैं. हर बार शादी होने के कुछ दिन बाद ही फरार हो जाती थी. उसे दूल्हों को लूटने में मजा आने लगा था. लेकिन जानती नहीं थी कि आगे उसके साथ क्या होने वाला है.

अनुराधा के खिलाफ सवाईमाधोपुर के मानटाउन थाने में पहला मामला दर्ज हुआ. पुलिस भी तुरंत एक्शन में आई फिर लुटेरी दुल्हन को बोगस ग्राहक बनकर पकड़ने में सफलता हासिल की. पुलिस ने बताया- 3 मई को विष्णु पुत्र बनवारी लाल शर्मा निवासी आईएचएस कॉलोनी ने मानटाउन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी सुनीता निवासी खंडवा और पप्पू मीणा निवासी खेडला ने उसे मन पसन्द की दुल्हन से विवाह करवाने का भरोसा दिलाया. फिर उसे अनुराधा का फोटो दिखाकर संपर्क कराया. न्यायालय परिसर सवाई माधोपुर में इकरार नामा तैयार करवाकर 2 लाख रुपये लेकर 20 अप्रैल को विवाह करवा दिया. अनुराधा 2 मई की रात घर से जेवर-नगदी और मोबाइल लेकर फरार हो गई.

दलाल ने दिखाई अनुराधा की फोटो

रिपोर्ट दर्ज होने पर थानाधिकारी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया. टीम के एएसआई मीठालाल यादव को अनुराधा के भोपाल होने की सूचना मिली. एएसआई पुलिस टीम के साथ भोपाल पहुंचे और अनुराधा की तलाश शुरू की. एक कांस्टेबल के लिए दुल्हन को लेकर संपर्क किया. एक दलाल ने महिलाओं ली फोटो दिखाई जिसमें अनुराधा भी शामिल थी. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

2 से 5 लाख में होता था सौदा तय

भोपाल में फर्जी विवाह करवाने वाले गिरोह के सदस्य रोशनी निवासी छौला मन्दिर के पास भोपाल, सुनीता निवासी मंडीदीप, रघुवीर निवासी कल्या नगर भोपाल, गोलू निवासी भोपाल मजबूत सिंह यादव, जुर्जन निवासी गांधी नगर भोपाल ग्राहकों से संपर्क करते थे. विवाह के इच्छुक व्यक्तियों से सम्पर्क कर मोबाइल के माध्यम से फोटो दिखाते थे. दुल्हन पसंद आने पर रुपये की डिमांड करते. 2-5 लाख रुपये तक में सौदा तय करते थे. एग्रीमेंट कर विवाह करवाते थे. लुटेरी दुल्हन विवाह के कुछ दिन बाद अवसर पाकर फरार हो जाती थी. अनुराधा ने विष्णु शर्मा के घर से फरार होने के बाद गब्बर निवासी काला पीपल पन्ना खेडी भोपाल से 2 लाख रुपये लेकर उसके साथ रह रही थी.

‘मेरा बेटा विशाल कहां, नहीं पता’

अनुराधा के ससुर रामभवन ने बताया- बेटे विशाल ने 2018 में अनुराधा के साथ लव मैरिज की थी. शादी के बाद दोनों रोजगार के सिलसिले में बाहर कमाने चले गए. घर-परिवार वालों से वो नाता तोड़ चुके हैं. उन्हें हमसे कोई मतलब नहीं था. विशाल ने आज तक कभी फोन नहीं किया. इस समय वह कहां है, हमें इसकी जानकारी नहीं. वो जिंदा भी है या नहीं, हमें कुछ नहीं पता. हमने भी यह जानने की फिर कोशिश नहीं की.

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