
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती की बेटी इल्तिजा मुफ़्ती ने कहा कि जब भी युद्ध की बात होती है, तो जम्मू-कश्मीर के लोगों को बहुत तकलीफ़ होती है, क्योंकि हम एक सीमावर्ती राज्य हैं. हम ही हैं जो इसका खामियाज़ा भुगतेंगे और नुकसान भी उठाएंगे. उन्होंने कहा कि युद्ध कभी भी इसका समाधान नहीं है. पिछले साल जब प्रधानमंत्री मोदी रूस गए थे, तो उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि युद्ध का युग खत्म हो चुका है. मेरा मानना है कि अब उन शब्दों को याद करने का समय आ गया है.
पीएम मोदी ने कहा था कि रूस और यूक्रेन दोनों के साथ मेरे अच्छे संबंध हैं. मैं राष्ट्रपति पुतिन से कहता हूं कि ये यह युद्ध का समय नहीं है. मैं राष्ट्रपति जेलेंस्की से भी मित्रवत तरीके से कहता हूं कि भाई, दुनिया में चाहे कितने भी लोग आपके साथ खड़े हों, युद्ध के मैदान में कभी कोई समाधान नहीं निकलेगा. उन्होंने कहा था कि यूक्रेन अपने सहयोगियों के साथ अनगिनत चर्चाएं कर सकता है, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकलेगा. चर्चा में दोनों पक्षों को शामिल किया जाना चाहिए.
गिरफ्तारी से सजा का मैसेज नहीं दिया जाना चाहिए
जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हम सभी यहां की स्थिति को समझते हैं. इसमें समय लगेगा. हमें इस पर गौर करना चाहिए, ताकि पहलगाम हमले में शामिल लोगों को पकड़ने के हमारे प्रयासों से जम्मू एवं कश्मीर के निर्दोष लोगों पर कोई असर न पड़े. हमने अपनी यह चिंता उन तक पहुंचा दी है.
कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कुलगाम में जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था, लेकिन सिर्फ कुलगाम ही नहीं, कश्मीर के अलग-अलग जगहों से गिरफ़्तारियों की ख़बरें आ रही हैं. उन्होंने कहा कि पहली बार जम्मू-कश्मीर, ख़ास तौर पर कश्मीर के लोग हमले के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं और अपना गुस्सा दिखाया है. उन्होंने कहा कि उन्हें यह संदेश नहीं दिया जाना चाहिए कि उन सभी को सज़ा दी जा रही है.

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