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मस्क से 36 का आंकड़ा, रूस से खास रिश्ता… कौन हैं सर्जिया गोर? जिन्हें ट्रंप ने भारत में किया तैनात

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और व्हाइट हाउस राष्ट्रपति कार्मिक कार्यालय के निदेशक (White House Director of Personnel) सर्जियो गोर का नाम अब भारत से जुड़ने जा रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गोर को भारत का नया अमेरिकी राजदूत नियुक्त किया है. इसके साथ ही गोर को दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के विशेष दूत की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है. गोर सुर्खियों में उस समय आए जब ट्रंप और एलन मस्क के बीच टकराव की स्थिति पैदा हुई. इसके पहले उनकी रूस की रहस्यमयी यात्रा भी चर्चा का विषय बनी थी. हमारे इस आर्टिकल में जानिए कौन हैं सर्जियो गोर, जिन्हें ट्रंप ने भारत का राजदूत बनाने का फैसला किया?

दरअसल, राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया के जरिए ऐलान करते हुए कहा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मैं सर्जियो गोर को भारत का अगला अमेरिकी राजदूत और दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के लिए विशेष दूत के रूप में नियुक्त कर रहा हूं. सर्जियो गोर ने ट्रंप के इस विश्वास के प्रति अपना आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि किसी देश में अमेरिका का नेतृत्व करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है.

कौन हैं सर्जियो गोर?

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गोर का जन्म 1986 में उज्बेकिस्तान (तत्कालीन सोवियत संघ ) में हुआ था. गोर का परिवार कुछ सालों तक माल्टा में रहा और फिर 1999 में माल्टा छोड़कर अपने परिवार के साथ अमेरिका चला गया. गोर ने अपनी स्कूल की पढ़ाई लॉस एंजिल्स के उपनगरीय इलाके में की और उसके बाद कॉलेज की पढ़ाई के लिए वह वाशिंगटन डीसी चले गए, जहां उन्होंने जार्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई जारी रखी. जानकारी के अनुसार गोर ने यूनिवर्सिटी में गोरोक्होव्स्की नाम से एडमिशन लिया था. जिसके बाद इन्होंने अपना नाम छोटा कर गोर कर लिया.

कई पदों पर रहे चुके हैं तैनात

गोर अमेरिकी सीनेटर और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जॉन मैककेन के साथ 2008 में एक राष्ट्रपति अभियान के कार्यकर्ता के रूप में जुड़े थे. उस समय मैककेन का मुकाबला बराक ओबामा से था. इसके बाद गोर ने केंटकी के सीनेटर रैंड पॉल के साथ भी काम किया.

गोर ने जून 2020 में सीनेटर पॉल की तरफ से दिया गया पद छोड़ दिया और ट्रंप विक्ट्री फाइनेंस कमेटी के चीफ स्टाफ का कार्यभार संभाला और अगले ही महीने गोर ने डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के सलाहकार और पुस्तक प्रकाशन प्रबंधक के रूप में काम करना शुरू कर दिया. नवंबर 2024 में ट्रंप ने गौर को व्हाइट हाउस राष्ट्रपति कार्मिक कार्यालय का निदेशक नियुक्त किया.

एलन मस्क और गोर के बीच टकराव

टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क और ट्रंप के बीच बढ़े विवाद का कारण गोर को माना जाता है. इस विवाद के बाद मस्क ने ट्रंप के करीबी सर्जियो गोर को सांप कहा था. दरअसल, मस्क की यह पोस्ट न्यूयॉर्क की उस पोस्ट के बाद आई थी जिसमें कहा गया था कि गोर जो हजारों कर्मचारियों की जांच परख का काम देखते हैं, लेकिन उन्होंने खुद अपनी सिक्योरिटी क्लीरिएंस के लिए जरूरी डाक्यूमेंट्स पूरे नहीं किए है और वह अभी भी इंटरिम क्लीयरेंस पर काम कर रहे हैं.

हालांकि व्हाइट हाउस ने इन सभी दावों को खारिज करते हुए कहा कि गोर ने सभी जरूरी डाक्यूमेंट्स पूरे कर लिए हैं और उनकी सुरक्षा मंजूरी सक्रिय थी.

जन्मस्थान को लेकर हमेशा उठते रहे सवाल

अमेरिका में इतना फेमस नाम होने के बावजूद गोर के जन्मस्थान को लेकर कभी कुछ स्पष्टता नहीं दिखाई गई. गोर ने कभी भी अपने जन्मस्थान को लेकर कुछ नहीं बताया. कई मीडिया रिपोर्ट्स ने दावा किया कि गोर का जन्म स्थान कजाकिस्तान ( सोवियत संघ के समय) है. वाशिंगटन डीसी की रिपोर्ट में गोर को माल्टा से आया हुआ प्रवासी बताया. हालांकि हमेशा से इस सवाल पर चुप रहे गोर ने सिर्फ इतना कहा कि उनका जन्म रूस में नहीं हुआ है. इसके अलावा गोर की मां ने 1994 में एक माल्टीज कंपनी बनाई, जिसमें उनकी राष्ट्रीयता इजरायली बताई गयी. हालांकि अधिकतर रिपोर्टस में ताजिकिस्तान होने के कारण, गोर का जन्मस्थान तजाकिस्तान ही माना जाता है.

रूस से भी जुड़े हैं तार

गोर का एक तार रूस से भी जोड़ा जाता है. दरअसल, 2018 में गोर ने पॉल के साथ मास्को की यात्रा की थी. यह यात्रा रूस-अमेरिका संबंधो पर शोध और चर्चा के लिए बताई गई. लीक हुए एक रूसी रिकॉर्ड में बताया गया कि गोर एक साल पहले भी मास्को गए थे. रिकॉर्ड में इस बात का कुछ भी जिक्र नहीं था कि वह मास्को क्यों गए थे. यह बात अभी भी रहस्यमय बनी हुई है कि 2017 में गोर के मास्को जाने के पीछे क्या कारण थे.

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साझा की जानकारी

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए नए राजदूत के नियुक्त की घोषणा की. ट्रंप ने लिखा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मैं सर्जियो गोर को भारत का अगला अमेरिकी राजदूत और दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के लिए विशेष दूत के रूप में नियुक्त कर रहा हूं. राष्ट्रपति कार्मिक निदेशक के रूप में, सर्जियो और उनकी टीम ने रिकॉर्ड समय में हमारी सरकार के प्रत्येक विभाग में लगभग 4 हजार अमेरिका फर्स्ट पैट्रियट्स की नियुक्ति की है. उन्होंने कहा कि हमारे विभाग और एजेंसियां 95% से ज्यादा भर चुकी हैं. ट्रंप ने यह भी लिखा कि सर्जियो अपनी नियुक्ति की पुष्टि होने तक व्हाइट हाउस में अपनी वर्तमान भूमिका निभाते रहेंगे.

ट्रंप ने गोर के नाम का ऐलान करते हुए कहा कि सर्जियो मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं और वह कई सालों से मेरे साथ हैं. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने मेरे ऐतिहासिक राष्ट्रपति चुनाव अभियानों में भी काम किया और मेरी सबसे ज्यादा बिकने वाली किताबें भी प्रकाशित कीं. ट्रंप ने बताया कि इसके साथ ही गोर ने हमारे आंदोलन का समर्थन करने वाले सबसे बड़े सुपर पैक्स (PACs) में से एक को चलाया.

गोर ने ट्रंप को धन्यवाद

भारत का नया अमेरिकी राजदूत नियुक्त किए जाने के बाद गोर ने सोशल मीडिया के जरिए ट्रंप का आभार व्यक्त किया. गोर ने कहा कि मुझे भारत का अगला राजदूत और दक्षिण और मध्य एशियाई के मामलों के विशेष दूत नियुक्त करने के लिए ट्रंप का भरोसा पाकर आभारी हूं. गोर ने कहा कि अमेरिका के लोगों की सेवा करना मेरे लिए गर्व की बात है. गोर ने कहा कि किसी भी देश में अमेरिका का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए सम्मान की बात है.

इससे पहले एरिक गार्सेटी भारत में अमेरिकी राजदूत का पद पर कार्यरत थे. उन्होंने 11 मई 2023 से 20 जनवरी 2025 तक इस पद की जिम्मेदारी संभाली थी. जनवरी के बाद यह पद खाली था और अब सर्जियो गोर को इसकी जिम्मेदारी दी गई है.

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