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मध्य प्रदेश: मस्जिद में ठहरे बिहार से आए इमाम, हो गई FIR, ओवैसी ने कहा SP आर्टिकल-19 पढ़ें

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मध्य प्रदेश के खंडवा की एक मस्जिद में एक इमाम बिहार से आकर रह रहा था. अब पुलिस ने इमाम पर एफआईआर दर्ज की है. दरअसल, पुलिस ने यह एक्शन इसीलिए लिया है क्योंकि बिना सूचना के मस्जिद में इमाम को रुकवाया गया. इसी के बाद पुलिस ने बिना जानकारी दिए इमाम को रुकवाने पर मस्जिद के सदर और इमाम के खिलाफ 9 सितंबर को केस दर्ज किया.

इस मामले की जानकारी मिलने के बाद रविवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी का बयान सामने आया. ओवैसी ने कहा, एसपी को Article-19 पढ़ना चाहिए.

ओवैसी ने आर्टिकल-19 दिलाया याद

ओवैसी ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर कहा कि खंडवा पुलिस का यह कदम असंवैधानिक है. खंडवा के एसपी को संविधान का आर्टिकल-19 पढ़ने की जरूरत है. आखिर बिहार से आए इमाम को मस्जिद में ठहराना अपराध कैसे हो गया? ओवैसी ने कहा कि संविधान का आर्टिकल 19 मूलभूत अधिकार है. उन्होंने एसपी से सवाल पूछते हुए कहा, खंडवा के एसपी साहब बताएं कि बीएनएस की धारा 223 बड़ी है या फिर संविधान का आर्टिकल 19? सिर्फ मुसलमान है इसीलिए आप केस बुक कर रहे हैं कि बाहर से कैसे आए.

पुलिस ने बताया क्यों लिया एक्शन

अब इस मामले में पुलिस का तर्क भी सामने आया है. खंडवा पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई नियमों के तहत की गई है. एसपी मनोज कुमार राय ने साफ किया कि बाहरी व्यक्तियों को ठहराने से पहले पुलिस को सूचना देना अनिवार्य है. इस मामले में जिला दंडाधिकारी के आदेशों का उल्लंघन हुआ. बिहार के इमाम खंडवा की मस्जिद में ठहरे हुए इसकी जानकारी नजदीकी पुलिस थाना को नहीं दी गई. जिसके चलते मस्जिद के सदर हाजी हनीफ खान और बिहार निवासी अख्तर रजा के खिलाफ धारा 188 (सरकारी आदेश की अवहेलना) में केस दर्ज किया गया.

SP ने क्या कहा?

मामले में एसपी ने कहा, नियमों के तहत एक्शन लिया गया है. एसपी मनोज कुमार राय ने कहा, जिले में धारा 144 लागू हैं, इस बीच यह अनिवार्य था कि बाहरी व्यक्तियों की सूचना संबंधित पुलिस थाने को जानी थी. यह सामान्य सी बात थी. लेकिन, इसके बावजूद लोग सूचना नहीं देते हैं कि बाहर से आया कौन व्यक्ति उनके यहां रुका हैं.

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