Logo
ब्रेकिंग
दलबदल कानून की व्यावहारिक कमजोरी: लोकसभा में लटकीं अयोग्यता याचिकाएं; सुप्रीम कोर्ट के 3 महीने के नि... क्या भारत की राजनीति पलट देगी जेन जी? 38 करोड़ युवा वोटरों को साधने में जुटीं पार्टियां, जानें चुनाव... गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में हंगामा: पैलेट गन और लाठीचार्ज पर तकरार जर्जर स्कूलों पर सरकारों का बड़ा फैसला: राजस्थान में ₹12,500 करोड़ और UP में ₹604 करोड़ का बजट, जेन ... डूंगरपुर: सत्तु देवकी स्कूल में भरभराकर गिरी कमरे की छत, 120 बच्चे थे मौजूद; बंद कमरा होने से टला बड... रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला: DRDO की पारंपरिक मिसाइल तकनीक भारतीय उद्योगों को होगी ट्रांसफर मुंबई में ऑटो चालकों की मराठी परीक्षा पर नया विवाद: 'सिलेबस से बाहर के सवाल पूछ रहा RTO', यूनियन ने ... इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की स्कूल में हिजाब पहनने की याचिका: फैसले को चुनौती देगा AIMPLB; कोर्ट बो... सिंगरौली में फायर ब्रिगेड के पानी से धोई गई BJP विधायक की गाड़ी: कमिश्नर आवास का वीडियो वायरल, सवालो... कानपुर में कूड़े के ढेर से एक्सपायरी टॉफी-चॉकलेट लूटने की मची होड़: वीडियो वायरल होने के बाद खाद्य व...
Header Ad

मंदिर उत्सव के दौरान राजनीतिक गीतों और प्रदर्शन पर केरल HC नाराज, कोर्ट ने दी ये हिदायत

केरल हाई कोर्ट ने आज मंगलवार को कोल्लम जिले में हाल ही में आयोजित एक मंदिर उत्सव में डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के झंडे फहराने और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-एम (CPM) का महिमामंडन करने वाले गीतों के प्रदर्शन पर अपनी नाराजगी जताई, साथ ही यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए. कोर्ट ने अब 27 मार्च को मामले को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया.

जस्टिस अनिल के नरेंद्रन और जस्टिस मुरली कृष्ण एस की बेंच ने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) और कडक्कल मंदिर की सलाहकार समिति को नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर उनकी राय पूछा. बेंच ने मौखिक रूप से यह भी कहा कि मंदिर उत्सवों के लिए भक्तों से एकत्र किए गए धन को इस तरह के आयोजनों पर खर्च नहीं किया जाना चाहिए.

‘भक्तों की भावनाओं को पहुंची ठेस’

बेंच की ओर से यह निर्देश और टिप्पणियां एडवोकेट विष्णु सुनील पंथलम की याचिका पर आई है, जिन्होंने दावा किया कि राजनीतिक गीतों (Political Songs) का प्रदर्शन और बैकग्राउंड में पार्टी के झंडे फहराना “इस अवसर के लिए पूरी तरह अनुचित था और इससे भक्तों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है.”

एडवोकेट जोमी के जोस के जरिए दाखिल याचिका में कहा गया है, “यह घटना एक धार्मिक आयोजन में अनुचित और परेशान करने वाली घुसपैठ है.”

TDB ने दिए जांच के आदेश

टीडीबी की ओर से एडवोकेट जी बीजू ने बेंच को बताया कि बोर्ड ने पहले ही घटना की सतर्कता जांच के आदेश दे दिए हैं और कडक्कल मंदिर की सलाहकार समिति को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इस पर कोर्ट ने बोर्ड को घटना के संबंध में उठाए गए कदमों के बारे में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया. साथ ही मामले को 27 मार्च को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया.

इससे पहले 10 मार्च को कडक्कल मंदिर उत्सव के दौरान, गायक अलोशी एडम्स ने कुछ क्रांतिकारी गीत गाए, जिनमें से एक दिवंगत सीपीएम सदस्य पुथुकुडी पुष्पन के बारे में था, जो 1994 के कुथुपरम्बा पुलिस फायरिंग की घटना में बच गए थे, जिसने केरल को हिलाकर रख दिया था.

साथ ही गीतों के प्रदर्शन के दौरान, डीवाईएफआई और सीपीआएम के झंडे और प्रतीक बैकग्राउंड में दिखाए गए थे. मामले के तूल पकड़ने पर कांग्रेस की अगुवाई वाली यूडीएफ और टीडीबी की ओर से कड़ी आलोचना की गई और सतर्कता जांच के आदेश दिए गए. गायक एडम्स ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने यह गाना नहीं चुना था, बल्कि दर्शकों के अनुरोध पर इसे गाया था.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.