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बस 48 घंटे…. वैष्णो देवी की यात्रा फिर से शुरू होने जा रही, लैंडस्लाइड के बाद बंद कर दिया गया था मार्ग

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जम्मू-कश्मीर में मां वैष्णो देवी की पवित्र यात्रा पिछले 17 दिनों से बंद पड़ी है. लेकिन अब श्रद्धालु एक बार फिर माता के दरबार में हाजिरी लगा सकेंगे. 14 सितंबर से फिर से यात्रा शुरू होने जा रही है. लंबे इंतजार के बाद भक्तों में उम्मीद जगी है कि अब उन्हें माता रानी के दर्शन का अवसर मिल सकेगा.

26 अगस्त को भारी बारिश के चलते त्रिकुटा पहाड़ियों पर बड़ा भूस्खलन हुआ था. इस हादसे में 34 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हो गए थे. हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत वैष्णो देवी की यात्रा को स्थगित कर दिया था. तभी से यह मार्ग पूरी तरह बंद है. इस वजह से हजारों श्रद्धालु कटरा में अटके हुए हैं और यात्रा शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. कई भक्तों का कहना है कि वे तभी अपने घर लौटेंगे जब माता के दर्शन कर पाएंगे.

कटरा के होटलों में सन्नाटा

यात्रा बंद होने से सिर्फ श्रद्धालु ही प्रभावित नहीं हुए हैं, बल्कि स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी पर भी गहरा असर पड़ा है. कटरा में स्थित होटल, गेस्ट हाउस और ढाबों में सन्नाटा पसरा हुआ है. रेहड़ी-पटरी पर काम करने वाले छोटे व्यापारी, पुजारी और दुकानदार भी आमदनी से वंचित हैं. इतना ही नहीं, घोड़े-खच्चर चलाने वाले, पिट्ठू और पालकी ढोने वाले मजदूर भी बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं. उनका कहना है कि यात्रा मार्ग बंद होने से उनकी आमदनी पूरी तरह रुक गई है और अब परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि आम तौर पर यहां हर मौसम में लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं और आसपास का इलाका हमेशा चहल-पहल से भरा रहता है. लेकिन इस बार हालात बिल्कुल अलग हैं. फिलहाल भक्त और स्थानीय लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि मौसम और हालात जल्द ही अनुकूल होंगे और मां वैष्णो देवी की यात्रा फिर से शुरू हो जाएगी. सबकी एक ही प्रार्थना है, जल्द से जल्द माता रानी के दर्शन का मार्ग खुल जाए और कटरा की रौनक वापस लौट आए.

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