Logo
ब्रेकिंग
फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ... Patna Mithila Colony Incident: दानापुर में खूनी संघर्ष, शादी से पहले सिपाही भाई ने की आत्महत्या, पुल... Delhi Demolition News: शालीमार बाग मैक्स अस्पताल रोड पर देर रात चला पीला पंजा; भारी पुलिस बल तैनात, ... Monsoon Update 2026: मॉनसून की विदाई के बीच बिगड़ेगा मौसम; मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर में भारी...
Header Ad

पटाखा स्टॉल की अलॉटमेंट के बाद गरमाया ये मामला

0

मोगा : एक तरफ जहां पंजाब सरकार ने कुछ वर्ष पहले भीड़भाड़ वाले इलाकों में पटाखों की बिक्री पर कथित तौर पर मनाही के आदेश जारी करके शहर से बाहर कुछ स्थान राज्य भर में पटाखों की बिक्री के लिए नियमित किए हैं, जिसके तहत मोगा शहर में बाघापुराना-कोटकपूरा बाईपास के नजदीक तथा बाहरी ग्राऊंड में 15-15 दुकानों की अलॉटमेंट शुरू की थी। लॉटरी विधि द्वारा हर वर्ष पटाखा स्टालों की अलॉटमेंट होती है।

प्रशासन का बेरोजगार नौजवानों को रोजगार मुहैया करवाने के लिए अच्छा प्रयास है, परन्तु अब अलॉटमेंट के बाद रसूखदारों ने इसको एक तरह से बिजनेस का साधन बनाकर अलॉटमेंट द्वारा प्राप्त किए स्टाल लाखों रुपए लेकर आगे बेचने शुरू कर दिए हैं। सूत्र बताते हैं कि मोगा शहर में पटाखा स्टालों के लिए शहर के नौजवानों द्वारा 400 से ज्यादा पर्चियां डाली थी तथा जिला प्रशासन ने 24 सितम्बर को लॉटरी विधि द्वारा 30 दुकानों की अलॉटमेंट कर दी है, जिससे प्रशासन को 10 लाख रुपए के लगभग रेवैन्यू भी एकत्रित हुआ है।

इन दुकानों की अलॉटमेंट दौरान कुछ रसूखदानों द्वारा 100-100 के लगभग भी पर्चियां डाली थी। पंजाब केसरी को मिली जानकारी के अनुसार अलॉटमेंट से 2 दिनों के बाद ही रसूखदान व्यक्तियों ने लाखों रुपए में अपनी स्टालों को आगे बेच दिया है, जबकि नियमानुसार जिस व्यक्ति के नाम पर अलॉटमेंट है, वह ही पटाखों की स्टाल लगा सकता है। एक पटाखा स्टाल न ले सकने वाले नौजवान का कहना था कि लॉटरी द्वारा उनको स्टाल प्राप्त नहीं हुआ तथा उनके पास लाखों रुपए स्टाल लेने के लिए नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि प्रशासन को यह हिदायत करनी चाहिए कि लॉटरी विधि द्वारा पटाखा स्टाल प्राप्त करने वाला व्यक्ति ही अपना काम करे और कहा कि प्रशासन को जब लाखों रुपए का रैवेन्यू प्राप्त होता है, तो प्रशासन को चाहिए कि वह नियमों की इन-बिन पालना करवाने की सख्ती करें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.