Logo
ब्रेकिंग
धनतेरस: आज सोना-चांदी खरीदने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, पूजा और दीपदान का भी है विशेष महत्व सिविल जज बनने के बाद भी नहीं डिगा वैराग्य का संकल्प, प्रखरश्री ने चुना मोक्ष का मार्ग बैतूल बनेगा खेलो का हब, कुकरु को मिनी शिमला बनाने की तैयारी,हेमंत खंडेलवाल के प्रयास रंग लाए, मिली 4... जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा का संदेश लेकर आगे बढ़ा रक्तदान अभियान, सनातनी विनोद कुमार बिंदल के मंदिर... सतपुड़ा वैली पब्लिक स्कूल बना बैतूल का नंबर 1 को-एड डे स्कूल, एजुकेशनवर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग 202... बैतूल में SevaMitra की शुरुआत, अब घर बैठे बुक करें होम सर्विस फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू...
Seva Mitra
Header Ad

पंजाब के मौसम पर IMD का Update, आने वाले 5 दिनों को लेकर पढ़ें नई जानकारी

0

 भारी बारिश और बाढ़ की तबाही से जूझ रहे पंजाब के मौसम को लेकर राहतभरी खबर सामने आई है। आज भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने पंजाब के लिए कोई भी नया अलर्ट जारी नहीं किया है। विभाग के मुताबिक, आने वाले 5 दिनों तक भी मौसम लगभग सामान्य रहने की संभावना है। हालांकि, मालेवा क्षेत्र के कुछ जिलों को छोड़कर पंजाब के बाकी हिस्सों में हल्की बारिश के आसार बने रहेंगे। वहीं, तापमान में हल्का इजाफा भी दर्ज किया जा सकता है।

बाढ़ का असर अभी भी बरकरार
भले ही भारी बारिश की चेतावनी अब नहीं है, लेकिन पंजाब के कई इलाके अभी भी बाढ़ की मार झेल रहे हैं। अब तक जिन जिलों को बाढ़ प्रभावित घोषित किया गया है, जिसमें जिला अमृतसर, बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, फिरोज़पुर, फाज़िल्का, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, पठानकोट, पटियाला, रूपनगर, संगरूर, एसएएस नगर (मोहाली), श्री मुक्तसर साहिब, एसबीएस नगर और तरनतारन शामिल है।

पंजाब में तबाही का मंजर
राज्य के सभी 23 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। अब तक 1900 से अधिक गांव डूबे, और करीब 4 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने बताया कि लगभग 40 लोगों की मौत हो चुकी है। 1.5 लाख हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों पर बड़ा संकट मंडरा रहा है।

राहत और बचाव जारी
NDRF की टीमें और स्थानीय प्रशासन दिन-रात राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। प्रभावित इलाकों में नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। वहीं, मेडिकल कैंप और राहत शिविर भी लगाए गए हैं। हालांकि, लगातार बारिश की आशंका से स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.