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न सड़क, न एंबुलेंस… मरीज को कंधे पर उठाकर ले गए परिजन, वेंटिलेटर पर छत्तीसगढ़ का हेल्थ सिस्टम!

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छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां बीमार व्यक्ति को इलाज के लिए परिजन उसे एंबुलेंस या फिर किसी गाड़ी में नहीं, बल्कि कंधे पर उठाकर कई किलोमीटर दूर अस्पताल तक ले जाते हुए दिखाई दिए हुए हैं. इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसने शासन-प्रशासन के सभी दावों की पोल खोलकर रख दी है. एक तरफ दावा किया जा रहा है कि 21वीं सदी का भारत विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर हैं. वहीं, दूसरी तरफ लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी लंबा संघर्ष करना पड़ा रहा है.

मामला सरगुजा जिले के प्रतापपुर इलाके के गोरगी गांव का है. यहां दुर्गम वनांचल क्षेत्र में रहने वाला कोडाकु जनजाति का एक व्यक्ति बीमार हो गया. धीरे-धीरे उसकी हालत बिगड़ती चली गई. बात यहां तक पहुंच गई कि अब तो इलाज के लिए अस्पताल ले जाना ही होगा. हालांकि, गांव में सड़कें नहीं होने के चलते बीमार आदमी को बिना एंबुलेंस की मदद के ही अस्पताल पहुंचाया गया. पीड़ित को परिजन अपने कंधे पर उठाकर ले गए.

मरीज को कंधे पर ले जाने को मजबूर परिजन

कंधे पर अपने मरीज को ले जाते हुए परिजन पसीने से लथपथ हालत में थे. उनके हाथ कांप रहे थे. हालांकि, इस बीच एक उम्मीद उन्हें हिम्मत दे रही थी. वो उम्मीद जल्द अस्पताल पहुंचने और समय रहते इलाज मिलने की थी. यह दुर्दशा किसी एक व्यक्ति या फिर समाज की नहीं है, बल्कि उन हजारों-लाखों लोगों की है, जो कि आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं. इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है.

प्रशासन की लापरवाही से लोग परेशान

प्रतापपुर का यह मामला प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही है, जिसके चलते कई गांवों के लोग काफी परेशानियों का सामना कर रहे हैं. इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक लोगों को इन समस्याओं से जूझना पड़ेगा और कब तक गांव वालों को अपनी जान बचाने के लिए इस तरह की अमानवीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा?

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