Logo
ब्रेकिंग
BRICS Summit 2026: 'कमजोर कड़ी' से ग्लोबल ग्रोथ इंजन तक; 2012 से 2026 के बीच कैसे बदली भारत की तस्वी... 9/11 आतंकी हमले के 25 साल पूरे: पीएम नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि Vellore Church Collapse: वेल्लोर में निर्माणाधीन चर्च की छत गिरने से 3 मजदूरों की मौत, 14 घायल; NDRF... हिमाचल के पहाड़ी रास्तों पर पर्यटकों को बड़ी राहत: देवड़ और हनोगी सुरंगें यातायात के लिए शुरू Neem Karoli Baba Film: नीम करोली बाबा पर बनी ‘हनुमान अंश’ की बंपर सफलता, स्वामी कैलाशनंद गिरी से मिल... MP Politics News: 'विकास के लिए आस्था से समझौता न हो', उमा भारती ने उज्जैन के 170 साल पुराने हनुमान ... महिला किसानों को बड़ी सौगात: झारखंड में जल्द शुरू होगी 'महिला किसान खुशहाली योजना' Bank Strike News: झारखंड में 30 हजार बैंक कर्मियों की हड़ताल से कामकाज ठप, 11 से 30 सितंबर तक 4 दिन ... साहिबगंज में गंगा ने तोड़ा 4 साल का रिकॉर्ड: 28.72 मीटर पहुंचा जलस्तर, तटीय इलाकों में दहशत Sahibganj News: साहिबगंज में अनोखी शादी; पति ने 8 साल पुराना रिश्ता तोड़ खुद कराई पत्नी की उसके प्रे...
Header Ad

नदी में नहा रहे युवक पर मगरमच्छ ने किया हमला, पैर को जबड़े में जकड़ा, साथियों की सूझ-बूझ से बची जान

जावद : : नीमच जिले के रतनगढ़ में 23 मई शाम 5 बजे के लगभग गुंजली नदी में नहा रहे एक आदिवासी युवक के ऊपर विशालकाय मगरमच्छ ने हमला कर दिया। इस दौरान मगर ने युवक के पैरों को अपने जबड़े में बुरी तरह से जकड़ लिया। जिससे युवक के पैरों में जोरदार खून बहने लगा। बड़ी मुश्किल से साथियों सहित अन्य लोगों के द्वारा पत्थर फेंक कर मगर के चंगुल से युवक को छुड़ाया गया।

जानकारी के अनुसार, आज मजदूरी कर गौबर खाद भरने रतनगढ़ आए रमेश पिता कालू भील निवासी बाजना तहसील सैलाना जिला रतलाम खाद भरने के बाद अपने साथियों के साथ रतनगढ़ स्थित गुंजाली नदी में नहाने के लिए रुका। नहाते वक्त अचानक विशालकाय मगर ने इसके ऊपर हमला कर बुरी तरह से घायल कर दिया। जिसे साथियों ने बचाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाया। जहां पदस्थ चिकित्सक डॉक्टर मोह

युवक के साथी कमल पिता गौतम पुनिया भील निवासी बाजना तहसील सैलाना जिला रतलाम ने बताया कि हम लोग मजदूरी करने के लिए यहां आए हुए हैं और ग्राम बौरदिया में सड़क किनारे डेरा डालकर रह रहे हैं। आज हम मजदूरी करने के बाद नहाने के लिए रतनगढ़ नदी पर गए थे कि अचानक एक मगर ने हमारे ऊपर हमला कर दिया। बड़ी मुश्किल से तीन चार व्यक्तियों ने मिलकर उसके ऊपर पत्थर फेंके तब जाकर उससे छुटकारा मिल पाया।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.