
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद से ही पूरा देश गुस्से में हैं. देश का हर एक नागरिक इन दिनों सरकार से आतंकवाद को पनाह देने वाले पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की मांग कर रहा है. इस आतंकवादी घटना के बाद लोग तरह-तरह से विरोध कर रहे हैं. अब मथुरा के बांके बिहारी मंदिर के आसपास साधु-संतों ने भी अपना विरोध दर्ज करवाते हुए इलाके में जागरूकता अभियान चलाया है.
पहलगाम के बैसरन वैली में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में 26 टूरिस्ट की मौत हो गई थी. इस आतंकवादी घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. हर तरफ सिर्फ पाकिस्तान से इस हमला का बदला लेने की बात हो रही है. इस घटना से मथुरा के लोग भी काफी गुस्से में हैं. साधु संत और धर्माचार्य में भी काफी आक्रोश है. शनिवार को इन लोगों ने बांके बिहारी मंदिर के पास बाजार में दुकानदारों से धर्म विशेष के लोगों को काम पर ना रखने की अपील की है.
साधु-संतों ने चलाया विशेष अभियान
वृंदावन के विद्यापीठ चौराहे से साधु संतों और धर्माचार्य ने जागरूकता अभियान चलाया, जिसमें उन्होंने सभी दुकानदार भाइयों को जागरूक किया और आव्हान किया है कि किसी भी धर्म विशेष के व्यक्ति से किसी भी प्रकार की सेवा न लें और ना दे. दुकानदारों को जागरूक करते हुए साधु संतों और धर्माचार्य काफिला आगे बढ़ता गया. इसी दौरान ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के मार्केट में दो मुस्लिम दुकानदार अपना नाम छुपाकर पोशाक और श्रृंगार का काम करते हुए नजर आए
दुकान के बाहर नाम लिखने को कहा
इन दुकानों पर पहुंचकर साधु संतों ने दुकानदारों से दुकान के बाहर अपना नाम लिखने के लिए कहा है. वहीं, हिंदू धर्म आचार्यों ने अपील की है कि सभी हिंदू भाई किसी भी मुस्लिम व्यक्ति को दुकान पर रोजगार के लिए ना रखें. रखना है तो हिंदू को रखें. यह सभी साधु संत पहलगाम में नाम पूछकर हिंदुओं को मारे जाने की घटना से गुस्से में हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.