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दिल्ली के कालकाजी मंदिर में सेवादार की हत्या करने वाले कौन? मर्डर की पूरी कहानी

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देश की रजधानी दिल्ली के कालकाजी मंदिर के सेवादार योगेंद्र सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को हिरासत में लिया है. आरोपियों का नाम मोहन उर्फ भूरा और कुलदीप विधुरी है. साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल टास्क फोर्स की पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया है. दोनों आरोपी रिश्ते में चचेरे भाई लगते हैं. दोनों दिल्ली के चूड़िया मोहल्ला, तुगलकाबाद के निवासी हैं.

सेवादार योगेंद्र सिंह की हत्या के मामले में एक आरोपी अतुल पांडे को पुलिस पहले ही अरेस्ट कर चुकी है. अतुल पांडे को स्थानीय लोगों ने ही पकड़कर पुलिस के हवाले किया था. लोगों ने अतुल को पीटा भी था, जिस वजह से उसेएम्स में इलाज के लिए ले जाया गया था. फिर बाद में उसे डिस्चार्ज कर दिया गया तो पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी कर ली. अतुल दक्षिणपुरी इलाके का रहने वाला है.

दोनों आरोपियों से पुलिस कर रही पूछताछ

वह मूलतः उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का निवासी है. वहीं हिरासत में लिए दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है. पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात को चुनरी प्रसाद को लेकर हुए विवाद के बाद सेवादार की हत्या की गई. कुछ लोगों ने दर्शन के बाद सेवादार से चुनरी प्रसाद मांगा, जिसके बाद कहासुनी और बहस शुरू हो गई. इसके बाद सेवादार की डंडों और मुक्कों से हमला करके हत्या कर दी गई.

14-15 साल से सेवादार थे योगेंद्र

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि योगेंद्र सिंस 14-15 साल से कालकाजी मंदिर में सेवादार थे. उन्हें एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान योगेंद्र ने दम तोड़ दिया. पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में कुछ लोगों को सार्वजनिक रूप से बेरहमी से योगेंद्र पर डंडे बरसाते हुए देखा जा सकता है.

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