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…तो इसलिए हुआ शंभू-खनौरी Border पर तगड़ा Action! आ गया पंजाब के मंत्री का बयान

पंजाब में किसानों द्वारा हाईवे जाम करने को लेकर कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि पिछले काफी लंबे समय से शंभू और खनौरी बॉर्डर किसानों की मांगों के कारण बंद पड़े है। यह मांगे केंद्र सरकार के खिलाफ है पर नुकसान पंजाब का हो रहा है।

पंजाब आर्थिक तौर पर पिछड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जो 2 हाईवे बंद पड़े है, वो दोनों पंजाब के Lifeline थे। पूरे देश के साथ व्यापार इन दोनों रूटों(शंभू बॉर्डर और खनौरी बॉर्डर) के जरिए होता था पर यह एक साल से बंद पड़े है, जिस कारण पंजाब को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि मेरी आज भी किसान भाइयों से अपील है कि आम आदमी पार्टी किसानों के साथ आज भी खड़ी है। आप केंद्र सरकार के खिलाफ जैसा मर्जी धरना दें, हम आपके साथ है पर पंजाब को नुकासन ना पहुंचाओं। चीमा ने किसानों से पंजाब के राजमार्गों को अवरुद्ध न करने की अपील करते हुए कहा कि इससे पंजाब की अर्थव्यवस्था पर बहुत असर पड़ता है। 2003 से लेकर अब तक GDP में सबसे अधिक योगदान पंजाब का होता था, लेकिन आज पंजाब 19वें नंबर पर पहुंच गया है। इसका कारण यह है कि बड़े प्रोजेक्ट रुके पड़े हैं और उद्योग पंजाब में नहीं आ रहे हैं।

पंजाब सरकार का लक्ष्य राज्य में अधिक से अधिक उद्योग लाना है ताकि पंजाब के युवाओं को रोजगार मिल सके। पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘WAR ON DRUGS’ अभियान के बारे में बोलते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पूरा पंजाब नशे के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब से नशे को खत्म करने का बड़ा संकल्प लिया है। हमारी समिति इस पर काम कर रही है। कई मादक पदार्थ तस्करों को पकड़कर जेल भेज दिया गया, बड़ी संख्या में मादक पदार्थ तस्करों के घर ध्वस्त कर दिए गए, तथा कई को मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने गोली मार दी। हरपाल चीमा ने कहा कि नशा तस्करों को पकड़ने से ही नशा खत्म नहीं होगा, बल्कि नशे में लिप्त युवाओं को रोजगार मिलने से नशा खत्म होगा। पंजाब में उद्योग आएंगे तो रोजगार उपलब्ध होगा।

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