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डमी एयरक्राफ्ट से किया कंफ्यूज, फिर मचाई ब्रह्मोस से तबाही… ऐसे ध्वस्त हुआ था पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत सैन्य कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों पर निशाना बनाया और 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया. भारत की कार्रवाई ने न केवल भारतीय सशस्त्र बलों की मारक क्षमता को प्रदर्शित किया, बल्कि भारत ने कूटनीति और सैन्य योजना से पाकिस्तान को पस्त कर दिया.

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने मानवरहित डमी जेट का इस्तेमाल किया, जिससे पाकिस्तान की सैन्य योजना चकरा गई और पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह से ध्वस्त हो गया.

डमी विमानों ने पाकिस्तानी रडार को दिया चकमा

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वायुसेना (IAF) ने इस ऑपरेशन में रणनीतिक चाल के तहत लड़ाकू जेट जैसे दिखने वाले डमी मानव रहित विमानों का उपयोग किया. इन डमी विमानों ने पाकिस्तान की चीनी निर्मित एचक्यू-9 एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया और उसके बाद भारत सेना ने पाकिस्तान के एयर डिफेंस को ध्वस्त कर दिया.

11 प्रमुख पाकिस्तानी हवाई ठिकानों पर हमला

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान लगातार ड्रोन और मिसाइल से भारत के विभिन्न इलाकों में हमला करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन भारत ने उसकी हर कोशिश को नाकाम कर दिया, लेकिन 9-10 मई की रात को भारत ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई करने का निर्णय किया और पाकिस्तान के 12 प्रमुख हवाई ठिकानों में से 11 को निशाना बनाया.

हमले की शुरुआत से पहले IAF ने डमी जेट की सहायता ली. मानवरहित डमी जेट ने चीन निर्मित पाकिस्तानी रडार और एयर डिफेंस प्रणाली को चकमा दे दिया. इसके बाद एचक्यू-9 मिसाइल सिस्टम एक्टिव हो गई.इससे सेना की खुफिया और मॉनिटरिंग सिस्टम को पाकिस्तान के हर ठिकानों की जानकारी मिल गई.

ब्रह्मोस और स्कैल्प मिसाइलों हुआ इस्तेमाल

एएनआई न्यूज के अनुसार जानकारी मिलते ही भारतीय वायुसेना ने लंबी दूरी की मिसाइलों-ब्रह्मोस, स्कैल्प, रैम्पेज और क्रिस्टल मेज — से पाकिस्तानी वायु ठिकानों पर हमला बोला. रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 15 ब्रह्मोस मिसाइलें दागी गईं. इन हमलों ने हवाई पट्टियों, हैंगरों और संचार ढांचे को भारी नुकसान पहुँचाया, साथ ही सिंध क्षेत्र में एक एयरबोर्न वॉर्निंग एयरक्राफ्ट और कई ड्रोन भी क्षतिग्रस्त हुए.

रक्षा सूत्रों का कहना था कि भारत की सेना ने पहली बार ब्रह्मोस मिसाइल संघर्ष की स्थिति में इस्तेमाल किया था और भारतीय तकनीक और डिजाइन से निर्मित ब्रह्मोस ने पाकिस्तानी सेना को चने चबा दिये. इसके साथ ही आधुनिक इंडियन एयर सिस्टम में शामिल आकाश, S-400 और MRSAM पाकिस्तानी जवाबी हमलों को पूरी तरह से नाकाम कर दिया और पाकिस्तान को इरादों को ध्वस्त कर दिया.

भारत के जवाबी हमले से घबराए पाकिस्तान ने टेका घुटना

सूत्रों का कहना है कि हमलों की तीव्रता और प्रभाव से हतप्रभ पाकिस्तान ने भारतीय हमलों के बाद अपनी सभी सैन्य योजनाओं को निलंबित कर दिया. पाकिस्तान की सेना ने तत्काल प्रभाव से डीजीएमओ स्तर की बातचीत का अनुरोध किया और संघर्ष विराम की पेशकश की.

भारत और पाकिस्तान ने अगले ही सप्ताह भूमि, वायु और समुद्र में सभी प्रकार के युद्ध विराम की घोषणा की. हालांकि, कुछ ही घंटों बाद जम्मू-कश्मीर में ड्रोन गतिविधि और विस्फोटों की घटनाएं दर्ज की गईं, जिसके चलते भारतीय सुरक्षा बलों ने फिर से हवाई सुरक्षा तंत्र को सक्रिय कर दिया और भारत ने चेतावनी दी है कि आतंकी गतिविधियों को भारत युद्ध के समान मानेगा.

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि “ऑपरेशन सिंदूर” ने भारत की सामरिक तैयारी, तकनीकी श्रेष्ठता और योजनाबद्ध सैन्य प्रतिक्रिया की एक मिसाल पेश की है. इस ऑपरेशन ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को मजबूती से रेखांकित किया है, साथ ही क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों में नया संदेश भेजा है.

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