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जैसी डिमांड, वैसी गाड़ी की चोरी… महज 3 हजार में गायब कर देते थे लग्जरी वाहन; भोपाल में पकड़े गए 7 चोर

मध्य प्रदेश के भोपाल की कोहेफिजा और शाहजहानाबाद पुलिस ने एक ऐसे शातिर वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो ऑर्डर पर दोपहिया गाड़ियां चुराया करता था. वह महज 3000 रुपये लेकर वाहन चोरी करते थे. आरोपी इतने शातिर हैं कि गाड़ी चुराकर या तो पार्ट्स में काटकर अलग-अलग बेच दिया जाता था या फर्जी रजिस्ट्रेशन बनाकर पूरी गाड़ी बाजार में खपा दी जाती थी.

इस गैंग का मास्टरमाइंड कोई आम बदमाश नहीं बल्कि एक ट्रेंड मैकेनिक है. उसे सभी तकनीकी जानकारी है, जो चुराई गई गाड़ियों को मिनटों में खोलकर उनके पार्ट्स अलग कर देता था. इस गिरोह ने शहर के अलग अलग थाने कोहेफिजा, शाहजहानाबाद, निशातपुरा, ऐशबाग, गौतम नगर और हनुमानगंज क्षेत्रों में गाड़ी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है.

ऑपरेशन ‘गियरलॉक’ की शुरुआत की

पूरे मामले का खुलासा एक मामूली स्कूटी चोरी से हुआ. 21 मई को संजना वर्मा नाम की महिला ने अपनी सुजुकी एक्सेस के चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और इसके बाद ऑपरेशन ‘गियरलॉक’ की शुरुआत की गई. ACP अनिल वाजपेयी के नेतृत्व में बनी टीम ने शहर भर में सघन तलाशी अभियान चलाया. पुराने गैराजों से लेकर कबाड़ की दुकानों तक एक मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सबसे पहले अरशान और नवेद नाम के दो युवकों को हिरासत में लिया.

गाड़ियों को काटकर पार्ट्स अलग करते थे

पूछताछ के दौरान जैसे-जैसे परतें खुलीं, पूरे गिरोह की कड़ियां सामने आती गईं, जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई. नवेद वही मैकेनिक निकला, जो गाड़ियों को काटकर उनके पार्ट्स अलग करता और बेचने की जुगत में लगा रहता था. उसके कब्जे से पुलिस को वाहन काटने की स्पेशल मशीनें, पार्ट्स और नकली दस्तावेजों का जखीरा मिला.

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 19 वर्षीय अरशान खान, 24 वर्षीय नवेद खान, 23 वर्षीय साहिल खान, 22 वर्षीय इमरान अली, 28 वर्षीय सलमान खान, 37 वर्षीय सज्जाद खान और 32 वर्षीय हैदर अली शामिल हैं. ये सभी आरोपी अलग-अलग इलाकों से हैं. लेकिन उनका काम एक जैसा था. गाड़ी चुराना, उसे बेच देना और अगली “डिमांड” का इंतजार करना.

8 दोपहिया वाहन जब्त किए

आरोपियों ने कुछ गाड़ियां अपने अन्य साथियों साहिल खान, इमरान अली, सज्जाद खान, हैदर अली को बेच दी थी. गाड़ियों के गलत तरीके से रजिस्ट्रेशन कार्ड प्रिंट करवा लिए और ओर अन्य वाहनों को बेचने की फिराक में थे. पुलिस ने इनके पास से 8 दोपहिया वाहन जब्त किए हैं, जिनमें ज्यादातर सुजुकी एक्सेस और हीरो स्प्लेंडर मॉडल हैं. इसके अलावा इंजन, चेसिस, फुटरेस्ट, सीट कवर, पेट्रोल टंकी और नकली आरसी जैसे अहम सबूत भी मिले हैं. कुल मिलाकर जब्त सामान की अनुमानित कीमत साढ़े सात लाख रुपये आंकी गई है. अब पुलिस आरोपियों से अन्य वारदातों के बारे में और जानकारी जुटा रही है.

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