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छावनी में रहने वाले लोगों को जल्द मिलेगी बड़ी राहत, रजिस्ट्री को लेकर आया बड़ा फैसला!

जालंधर छावनी: देशभर में कैंटोनमैंट बोर्ड प्रशासन द्वारा घरों व दुकानों की रजिस्ट्री पर लगाई गई पाबंदी से जल्द राहत मिलने के आसार बने है। इस सुविधा से कैंट क्षेत्र में रहने वाले लोगों को वंचित रखा गया था। इस मामले को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के मैंबर राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से व्यक्तिगत मुलाकात की और उन्हें अवगत करवाया कि 5 हजार रुपए की रजिस्ट्री शर्त जिसे जनरल गवर्नमैंट ऑर्डर जी.जी.ओ. 1836 में निहित माना जाता है और औपनिवेशिक काल से चली आ रही जब छावनी में भूमि सैन्य नियंत्रण में रखी जाती थी, जबकि भूमि कानूनी रूप से भारत के राष्ट्रपति के स्वामित्व में है। ऐसे में आमतौर पर भवन का पंजीकरण केवल मलबे का किया जाता है न की भूमिका, जिससे आम लोगों को कैंटोनमैंट बोर्ड की अनुमति के बिना बैंक लोन संपत्ति हस्तांतरण और यहां तक कि मामूली रिपेयर के लिए भी अयोग्य बना दिया है।

राणा सोढ़ी के मुताबिक रक्षा मंत्रालय ने हरी झंडी दे दी है, जिससे छावनी निवासियों को दशकों से हो रही नौकरशाही और वित्तीय कठिनाइयों का अंत होना तय है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एक कमेटी बनाई जा रही है और जल्द ही इलाका निवासी पुराने 5 हजार रुपए के शुल्क का भुगतान किए अपनी संपत्ति पंजीकरण कर सकेंगे। राणा सोढ़ी ने इस निर्णय का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त किया।

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