Logo
ब्रेकिंग
नेपाल के भोटे कोसी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़: भारत ने तेज किया व्यापक राहत और बचाव अभियान युवाओं को साधने के लिए BJP का मेगा प्लान: 45 युवा नेताओं संग नितिन नबीन की बैठक, हर्ष सांघवी और ओपी ... गोपालगंज के सवनही जगदीश में सेप्टिक टैंक बना काल; 4 मजदूरों की मौत, परिजनों को ₹4-4 लाख मुआवजे का ऐल... 'मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान संविधान का अपमान'; जितेंद्र आव्हाड का बड़ा बयान, शुद्धिकरण करने वालों पर... सतना और चित्रकूट में बाढ़ का भयानक मंजर: मंदाकिनी नदी 30 फीट उफान पर, रामघाट का पुल बहा सरगुजा-जशपुर की खराब सड़कों पर एक्शन में सरकार; डिप्टी सीएम ने दिए मरम्मत के निर्देश, इन प्रमुख मार्... धमतरी में दोस्त की हत्या के मामले में आरोपी को उम्रकैद: हेलमेट से सिर पर वार कर उतारा था मौत के घाट बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई: पेगड़ापल्ली जंगल से भारी नक्सल डंप और विस्फोटक बरामद सुकमा: पोलमपल्ली पोटाकेबिन में 47 छात्राओं की बिगड़ी तबीयत; दूषित भोजन-पानी की आशंका, अस्पताल में मच... बुंदेली, मालवी और निमाड़ी क्रिएटर्स के जरिए युवाओं तक पहुंचेगी सरकार की योजनाएं; MP बीजेपी का 2028 क...
Header Ad

कैलासा बनाने वाले नित्यानंद का नया कारनामा, हड़प ली इस देश की लाखों एकड़ जमीन

कैलासा देश बनाकर पूरी दुनिया को चौंकाने वाले स्वयंभू धर्मगुरु नित्यानंद एक बार फिर सुर्खियों में है. कहा जा रहा है कि नित्यानंद अब कैलासा की सरहदों का विस्तार करना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने दक्षिण अमेरिका के बोलविया पर धावा बोला है. नित्यानंद ने अपने चेलों के साथ मिलकर वहां की 4.8 लाख हेक्टेयर जमीन को हड़प ली है. इसकी जानकारी मिलते ही भारत से लेकर बोलविया तक की सरकार हरकत में आ गई.

दावे के मुताबिक नित्यानंद और उसके शिष्यों ने बोलविया में जनजातियों की जमीन को फ्रॉड तरीके से पहले खरीदा. जमीन खरीदने के बाद नित्यानंद की कोशिश इसे कैलासा के विस्तार के रूप में घोषणा करने की थी, लेकिन उससे पहले ही जमीन खरीदने कीन खबरें मीडिया में लीक हो गई.

4.8 लाख हेक्टेयर जमीन के साथ धोखाधड़ी

आरोप है कि नित्यानंद और उसके चेलों ने मिलकर बोलविया के 4 लाख 80 हजार एकड़ सरकारी जमीन को इधर-उधर करके अपने नाम करवा लिया. यह जमीन 1000 साल तक के लिए पट्टे पर लिया गया था.

जमीन के लिए पट्टा राशि के रूप में 8.96 लाख रुपये/वर्ष, मासिक राशि राशि के रूप में 74,667 रुपये और दैनिक राशि के रूप में 2,455 रुपये देने का प्रस्ताव था.

बोलीविया के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि बोलीविया कथित राष्ट्र जिसे “संयुक्त राज्य कैलासा” कहा जाता है, के साथ “राजनयिक संबंध नहीं रखता है. क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में किसी भी अन्य देश द्वारा उन्हें एक राज्य के रूप में मान्यता नहीं दी गई है.

नित्यानंद ने कैसे किया जमीन का खेल?

रिपोर्ट के मुताबिक जमीन अधिग्रहण के लिए कैलासा के प्रतिनिधि कई महीनों तक बोलीविया में मौजूद रहे. जमीन पर कब्जा करने के लिए स्थानीय नेताओं की मदद ली गई. सौदा तय होने के बाद लोगों से नित्यानंद की टीम ने लोगों से एग्रीमेंट भी करवा लिया.

हालांकि, इसकी खबर स्थानीय मीडिया में तुरंत लीक हो गई. कहा जा रहा है कि मीडिया में खबर आने के बाद नित्यानंद और उसके चेलों ने स्थानीय पत्रकारों को धमकी भी दी, लेकिन सरकार पर जब दबाव बढ़ा तो उसने नित्यानंद के इस पूरे डील को ही रद्द कर दिया.

अब नित्यानंद की पूरी कुंडली

नित्यानंद 2019 से भारत से फरार हैं और उन पर कई गंभीर आरोप हैं. उन्होंने कैलासा नामक एक फर्जी राष्ट्र की स्थापना की है, जिसमें वे अपनी खुद की मुद्रा और संविधान होने का दावा करते हैं. साल 2010 में नित्यानंद की अश्लील सीडी सामने आई थी, जिसमें गिरफ्तारी की कार्रवाई भी हुई थी.

2012 में नित्यानंद पर दुष्कर्म के केस दर्ज हुए. 2019 में नित्यानंद के खिलाफ 2 लड़कियों के अपहरण और बंदी बनाए रखने का केस दर्ज किया गया. देश से भागने की वजह से नित्यानंद पर कोई एक्शन नहीं लिया जा सका है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.