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केन-बेतवा लिंक परियोजना: मुआवजे पर घमासान के बीच MP सरकार की सफाई, अब तक बांटे गए ₹320 करोड़ से ज्यादा

भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश की महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना में प्रभावित परिवारों को मुआवजा न मिलने और पुनर्वास में देरी के आरोपों पर राज्य सरकार ने आधिकारिक स्पष्टीकरण दिया है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि परियोजना से प्रभावित अधिकांश पात्र परिवारों को पूर्ण मुआवजा और विशेष पुनर्वास पैकेज का लाभ पहले ही दिया जा चुका है। केवल कुछ इक्का-दुक्का मामलों में ही आवश्यक दस्तावेजी व कागजी प्रक्रियाएं लंबित हैं। सरकार के अनुसार, पात्र परिवारों को ग्रामीण क्षेत्र में प्लॉट के लिए ₹7 लाख और शहरी क्षेत्र में प्लॉट के लिए ₹6.50 लाख की वित्तीय सहायता दी जा रही है। वहीं, जो परिवार प्लॉट का विकल्प नहीं चुन रहे हैं, उन्हें एकमुश्त ₹12.50 लाख की सीधी सहायता राशि प्रदान की जा रही है।

⚖️ कांग्रेस ने पुनर्वास नीति पर उठाए सवाल, नेता प्रतिपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप

केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापन और मुआवजे की दरों को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस लगातार सरकार को घेर रहा है:

  • नेता प्रतिपक्ष के आरोप: विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि परियोजना से प्रभावित होने वाले अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के कई परिवारों को पर्याप्त और उचित मुआवजा नहीं मिल पा रहा है।

  • विधानसभा में गूंजा मुद्दा: विपक्ष का दावा है कि वर्तमान में दी जा रही मुआवजा राशि बाजार दर की तुलना में काफी कम है और इस विषय को पिछले विधानसभा सत्र में सदन के पटल पर भी प्रमुखता से उठाया गया था।

  • प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन: बिना समुचित मुआवजे के जनजातीय परिवारों के विस्थापन की शिकायतों को लेकर जमीनी स्तर पर चिता आंदोलन, फांसी प्रदर्शन और जल सत्याग्रह जैसे कई प्रतीकात्मक विरोध दर्ज किए गए हैं।

📋 13 सितंबर 2023 के विशेष पैकेज के तहत वितरण, सरकार ने गिनाए नियम

आरोपों का खंडन करते हुए राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर पुनर्वास के नियमों की जानकारी दी:

  • विशेष पुनर्वास पैकेज: राज्य में भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास की प्रक्रिया 13 सितंबर 2023 को स्वीकृत विशेष पुनर्वास नीति के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है।

  • अधिकतम दर का प्रावधान: विस्थापितों को ₹12.50 लाख प्रति हेक्टेयर अथवा भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के प्रावधानों में से जो भी राशि अधिक बनती है, उसके आधार पर भुगतान किया जा रहा है।

  • प्लॉट और एकमुश्त विकल्प: आवास के लिए ग्रामीण क्षेत्र में ₹7 लाख और शहरी क्षेत्र में ₹6.50 लाख दिए जा रहे हैं, जबकि बिना प्लॉट वाले परिवारों को ₹12.50 लाख की एकमुश्त सहायता का विकल्प दिया गया है।

💰 ₹320 करोड़ से अधिक का मुआवजा बंटा, जुलाई 2026 तक के आधिकारिक आंकड़े

परियोजना के तहत वित्तीय वितरण के अद्यतन आंकड़े जारी किए गए हैं:

  • भूमि मुआवजा वितरण: जुलाई 2026 तक कुल 10,913 प्रभावित हितग्राहियों के लिए ₹360 करोड़ का कुल मुआवजा निर्धारित किया गया है, जिसमें से ₹320.45 करोड़ की राशि सीधे विस्थापितों के खातों में वितरित की जा चुकी है।

  • आवास क्षेत्र सहायता: आवासीय पुनर्वास और मकानों के लिए स्वीकृत ₹149.63 करोड़ में से लगभग ₹94 करोड़ की राशि का वितरण पूरा हो चुका है।

  • शेष मामलों का निपटारा: शेष बची राशि का वितरण संबंधित कागजी औपचारिकताओं के पूरा होते ही तेजी से किया जा रहा है।

⚡ ₹44,604 करोड़ की महापरियोजना: 10.62 लाख हेक्टेयर में सिंचाई और 103 MW बिजली का लक्ष्य

केन-बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है:

  • कुल लागत: इस राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹44,604 करोड़ है।

  • सिंचाई का विस्तार: परियोजना के पूर्ण होने से 10.62 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को बारहमासी सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी।

  • पेयजल और ऊर्जा सुरक्षा: इससे क्षेत्र के लगभग 62 लाख लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति होगी और 103 मेगावाट पनबिजली (Hydro Power) का अतिरिक्त उत्पादन संभव हो सकेगा।

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