Logo
ब्रेकिंग
फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ... Patna Mithila Colony Incident: दानापुर में खूनी संघर्ष, शादी से पहले सिपाही भाई ने की आत्महत्या, पुल... Delhi Demolition News: शालीमार बाग मैक्स अस्पताल रोड पर देर रात चला पीला पंजा; भारी पुलिस बल तैनात, ... Monsoon Update 2026: मॉनसून की विदाई के बीच बिगड़ेगा मौसम; मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर में भारी...
Header Ad

पेंच नेशनल पार्क के बफर जोन और उफनती नदी को पार कर भागे हॉस्टल के 11 मासूम बच्चे

छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश): छिंदवाड़ा जिले में स्थित एक सरकारी आदिवासी बालक आश्रम से हैरान और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है। बुधवार सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच हॉस्टल में रहने वाले 11 मासूम छात्र बाउंड्री वॉल फांदकर भाग निकले। बच्चे पेंच नेशनल पार्क के घने बफर जोन से होते हुए और एक उफनती नदी को पार कर करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित ग्रेठिया गांव पहुंच गए। ग्रामीणों द्वारा पकड़े जाने पर जब बच्चों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने हॉस्टल की बदहाली, घटिया भोजन और अमानवीय व्यवहार की ऐसी सच्चाई बयां की, जिसने जनजातीय कार्य विभाग और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

🐅 खूंखार जंगली जानवरों और करंट के तारों के बीच से तय किया 5 किलोमीटर का खतरनाक सफर

पेंच टाइगर रिजर्व के बफर जोन से लगे हरदुआ माल गांव में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा शासकीय आदिवासी बालक आश्रम का संचालन किया जाता है:

  • खतरनाक रास्ता: सुबह अंधेरे में भागे बच्चे लगभग 5 किलोमीटर तक घने जंगल के रास्ते से गुजरे, जहां बाघ, तेंदुए सहित कई खूंखार वन्यजीव और जहरीले सांप मौजूद रहते हैं।

  • उफनती नदी का जोखिम: रास्ते में बच्चों ने जान जोखिम में डालकर एक उफनती हुई बरसाती नदी को पार किया और सकुशल ग्रेठिया गांव पहुंचे।

  • प्रबंधन में हड़कंप: सुबह जब हॉस्टल में बच्चे नहीं दिखे तो प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। ग्रामीणों की सूचना के बाद बच्चों को सुरक्षित वापस लाया गया।

🍲 ‘पानी जैसी दाल और बासी खाना’ — बच्चों ने बयां किया हॉस्टल का कड़वा सच

छात्रों ने हॉस्टल प्रबंधन और भोजन की गुणवत्ता को लेकर संगीन आरोप लगाए हैं:

  • भोजन की बदहाली: बच्चों का कहना है कि मेस में दाल के नाम पर केवल पीला पानी परोसा जाता है और सब्जियां पूरी तरह बेस्वाद व अधपकी होती हैं।

  • 15 अगस्त की घटना: छात्रों ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर सुबह जो सब्जी बनी थी, शाम को उसी बची हुई सब्जी में अतिरिक्त पानी मिलाकर उन्हें परोस दिया गया।

  • बुनियादी सुविधाओं का अभाव: छात्रों ने आरोप लगाया कि न तो उन्हें नहाने के लिए साबुन मिलता है और न ही कपड़े धोने का पाउडर दिया जाता है।

  • मारपीट का आरोप: बच्चों ने बताया कि हॉस्टल अधीक्षिका गायत्री देवी सनोडिया उनके साथ डांट-फटकार और मारपीट करती हैं, जिससे तंग आकर उन्होंने भागने का फैसला किया।

👨‍👩‍👦 ‘बच्चों को कुछ हो जाता तो कौन जिम्मेदार होता?’ — परिजनों ने जताई गहरी नाराजगी

घटना की जानकारी मिलते ही बच्चों के परिजन आश्रम पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ भारी रोष प्रकट किया:

  • पिता का दर्द: छात्र के पिता कृष्ण कुमार राकेशिया ने कहा, “हमने बच्चों को सरकार और अधीक्षक के भरोसे छोड़ा था। बेटे ने बताया कि भरपेट खाना नहीं मिलता। अगर जंगल में मेरे बच्चे को कुछ हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता?”

  • करंट के तारों का खतरा: एक छात्र की मां अनीता ने चिंता जताते हुए कहा कि जंगली जानवरों से बचाव के लिए ग्रामीण खेतों में बिजली के तार लगाते हैं। यदि रात के अंधेरे में बच्चे करंट की चपेट में आ जाते, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

⚖️ अधीक्षिका ने दी सफाई, सहायक आयुक्त ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है:

  • अधीक्षिका का बयान: हॉस्टल अधीक्षिका गायत्री देवी सनोडिया ने अपने बचाव में कहा कि बच्चे रोज सुबह टहलने जाते हैं, इसलिए पहले लगा कि वे मॉर्निंग वॉक पर गए होंगे। उन्होंने बच्चों द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया।

  • कारण बताओ नोटिस: जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त सत्येंद्र सिंह मरकाम ने मामले की गंभीरता और घोर लापरवाही को देखते हुए हॉस्टल अधीक्षिका गायत्री देवी सनोडिया को कारण बताओ (Show Cause) नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

Comments are closed.