Logo
ब्रेकिंग
फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ... Patna Mithila Colony Incident: दानापुर में खूनी संघर्ष, शादी से पहले सिपाही भाई ने की आत्महत्या, पुल... Delhi Demolition News: शालीमार बाग मैक्स अस्पताल रोड पर देर रात चला पीला पंजा; भारी पुलिस बल तैनात, ... Monsoon Update 2026: मॉनसून की विदाई के बीच बिगड़ेगा मौसम; मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर में भारी...
Header Ad

कर्नाटक डिस्कॉम को सुप्रीम कोर्ट से झटका, अडानी पावर के 1,005 करोड़ के चालान पर रोक से इनकार

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के समूह को बड़ा झटका देते हुए उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अडानी पावर द्वारा सरकारी पोर्टल पर अपलोड किए गए 1,005 करोड़ रुपये के चालान (Invoice) पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी।

यह चालान बिजली खरीद लेनदेन और बकाया भुगतान की निगरानी करने वाले आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड किया गया था। न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली पीठ ने विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (APTEL) के आदेश में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) के उस निर्देश को बरकरार रखा, जिसमें डिस्कॉम को अडानी पावर द्वारा दावा की गई पूरी राशि का भुगतान 45 दिनों के भीतर करने को कहा गया था। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायाधिकरण को तीन महीने के भीतर इस मामले में अपना अंतिम आदेश पारित करने के निर्देश दिए हैं।

⚡ क्या है पूरा विवाद? लेट पेमेंट सरचार्ज और किश्तों पर टकराव

इस कानूनी विवाद की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी, जब केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) ने कर्नाटक डिस्कॉम को अंतर राशि पर वहन लागत (Carrying Cost) और लेट पेमेंट सरचार्ज (LPS) के साथ भुगतान करने के लिए उत्तरदायी ठहराया था:

  • छह किश्तों में भुगतान: नियामक ने आदेश दिया था कि यह बकाया भुगतान छह समान किश्तों में किया जाना चाहिए और ऐसा न करने की स्थिति में बिजली उत्पादक कंपनी (अडानी पावर) अतिरिक्त एलपीएस की हकदार होगी।

  • अडानी पावर की अपील: आदेश का पालन न होने पर अडानी पावर ने नियमों के गैर-अनुपालन (Non-compliance) का आरोप लगाते हुए आयोग का दरवाजा खटखटाया।

  • डिस्कॉम का पक्ष: कर्नाटक पावर कंपनी के नेतृत्व में डिस्कॉम्स ने दावा किया कि उनकी तरफ से कोई वैध बकाया शेष नहीं था और अपीलीय न्यायाधिकरण ने बिना गुण-दोष के विचार किए सीईआरसी के आदेश पर रोक लगाने से गलत तरीके से इनकार किया।

🔌 ‘बिजली आपूर्ति में कटौती का खतरा’, डिस्कॉम ने याचिका में दी थीं ये दलीलें

कर्नाटक डिस्कॉम ने अपनी विशेष अनुमति याचिका में तर्क दिया था कि बकाया राशि के विवाद के चलते तीसरे पक्ष से भी बिजली आपूर्ति में कटौती या विनियमन (Regulation) का जोखिम पैदा हो गया है:

  • उपभोक्ताओं पर असर: डिस्कॉम्स का कहना था कि बिजली की कटौती से राज्य के आम उपभोक्ताओं और उद्योगों पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और अपूरणीय क्षति होगी।

  • वित्तीय संकट का हवाला: याचिका में कहा गया कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उन्हें भारी विरोध के बावजूद पूरी राशि का भुगतान करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। इस अप्रत्याशित वित्तीय बोझ के कारण कर्नाटक डिस्कॉम को अपने अन्य जरूरी और वैध खर्चों का भुगतान करने में भारी वित्तीय संकट का सामना करना पड़ेगा।

Comments are closed.